
सबरीमला मंदिर सोना चोरी विवाद क्या है, जानें- इस गोल्ड का विजय माल्या से क्या कनेक्शन
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केरल के सबरीमाला मंदिर में 2019 से चल रहे सोना चोरी के विवाद में SIT ने जांच कर मुख्य पुजारी कंदरारू राजीवरु समेत 11 लोगों को गिरफ्तार किया है. चोरी की गई सोने की परतें विजय माल्या द्वारा 1998-99 में दान की गई थीं. जांच में मंदिर की मूर्तियों और तांबे की प्लेटों से लगभग 4.5 किलो सोना गायब पाया गया.
केरल का प्रसिद्ध धार्मिक तीर्थ सबरीमला एक बार फिर विवादों के घेरे में हैं. इस बार विवाद मंदिर में स्थापित मूर्तियों से सोना चोरी का है. ये चोरी साल 2019 में सामने आई थी. आरोप है कि मूर्तियों पर चढ़ाई गई सोने की परत उतारकर चुरा ली गई है. मंदिरों में देव प्रतिमाओं पर सोना-चांदी मढ़वाना आम बात है.
यह श्रद्धालुओं का दान का ही एक तरीका है. लेकिन सबरीमाला मंदिर में हुई इस चोरी ने श्रद्धालुओं की भावना को चोट पहुंचाई है और मामला लंबे समय से सुर्खियों में है. ताजा अपडेट ये है कि मामले की जांच कर रही एसआईटी ने शुक्रवार को मंदिर के मुख्य पुजारी (तंत्री) कंदरारू राजीवरु को गिरफ्तार कर लिया है.
सबरीमाला में सोना चोरी का विवाद कहां से शुरू हुआ?
कहने को ये सोना चोरी का मामला साल 2019 से सामने आया, लेकिन इस विवाद का इतिहास साल 1998 से जुड़ा हुआ है. फिलहाल 2019 की ही बात करते हैं. साल 2019 में मंदिर के द्वारपालक (द्वारपाल देवताओं) मूर्तियों और कुछ अन्य हिस्सों पर चढ़ी सोने की परत को मरम्मत और दोबारा गोल्ड प्लेटिंग के लिए ले जाया गया था.
देवस्वोम बोर्ड के रिकॉर्ड के अनुसार, उस समय करीब 42.8 किलोग्राम सोना प्लेटों के रूप में निकाला गया और इसे चेन्नई स्थित एक निजी एजेंसी को भेजा गया. जब ये प्लेटें वापस आईं, तो उनका वजन केवल 38.2 किलोग्राम पाया गया. यानी लगभग 4.5 किलोग्राम सोना कम था, जिसे शुरुआत में तकनीकी कारणों और घिसावट से जोड़कर टाल दिया गया.
कुछ समय पहले कोर्ट द्वारा नियुक्त विशेष आयुक्त की रिपोर्ट में पता चला कि मूर्तियों और मंदिर के कई हिस्सों से 'सोने की परत' हटा ली गई थी. इसके बाद सितंबर 2025 में केरल हाई कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई शुरू की. कोर्ट में जस्टिस राजा विजयराघवन और जस्टिस केवी जयकुमार ने मंदिर के अधिकारियों के दस्तावेज पुरानी और नई तस्वीरें देखीं. ये दस्तावेज विशेष जांच टीम (SIT) ने इकट्ठे किए थे. जजों ने कहा कि जब उन्होंने मूर्तियों की मरम्मत के पूरे रिकॉर्ड मंगवाए, तो मामले की गंभीरता सामने आई.

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