
संसद भंग लेकिन विपक्ष का कब्जा, इमरान की पारी का द एंड और सुप्रीम कोर्ट में केस, अब PAK का क्या होगा?
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पाकिस्तान में कप्तान इमरान खान की पारी का द एंड हो गया है. इसके साथ ही इस धारणा पर एक बार फिर मुहर लग गई कि पाकिस्तान में जम्हूरियत अबतक नहीं पनप पाई है. पाकिस्तान के बनने से लेकर आजतक एक बार भी ऐसा मौका नहीं आया है जब पाक के किसी पीएम ने अपने 5 साल का कार्यकाल पूरा किया हो.
जब भारत समेत कई देश रविवार को वीकेंड की छुट्टी मना रहे थे तो उसी समय पाकिस्तान की राजनीति में अभूतपूर्व गहमागहमी चल रही थी. नेशनल असेंबली में इमरान खान का इंतजार किया जा रहा था. लेकिन वे वहां नहीं पहुंचे. इसी बीच डिप्टी स्पीकर कासिम सूरी ने पीएम इमरान के खिलाफ पेश अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया. तभी इमरान खान देश को संबोधित करने के लिए टीवी पर आए और उन्होंने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति से सिफारिश की है कि नेशनल असेंबली को भंग कर दिया जाए और देश में फिर से चुनाव कराए जाएं. इमरान खान की सिफारिश के आधा घंटे के भीतर ही राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने संसद भंग कर दी है.
इस तरह पाकिस्तान में कई हफ्तों से चल रही राजनीतिक उथल-पुथल एक ऐसे मोड़ पर आ गई जहां से पाकिस्तान को एक बार फिर चुनाव की ओर जाना पड़ा है. इसके साथ ही इमरान खान ने भले ही अविश्वास प्रस्ताव का सामना न किया हो लेकिन बतौर पाकिस्तान पीएम कप्तान की पहली पारी का द एंड हो गया है. इसी के साथ ये धारणा एक बार फिर से पुष्ट हुई है कि पाकिस्तान में कोई भी प्रधानमंत्री अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाता है. दूसरी ओर विपक्षी सांसद सदन से निकलने को तैयार नहीं हुए उन्होंने अपना स्पीकर चुना और संसद की कार्यवाही शुरू कर दी. वहां इमरान की सिफारिश को मानते हुए राष्ट्रपति ने संसद भंग कर दी और इमरान को कार्यवाहक पीएम नियुक्त कर दिया. विपक्ष ने एक और चाल चली, अविश्वास प्रस्ताव खारिज करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी गई और सुप्रीम कोर्ट ने इस पर सुनवाई के लिए बेंच भी गठित कर दी.
अनच्छेद-5 का हवाला देकर डिप्टी स्पीकर ने बदला गेम
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ आए अविश्वास प्रस्ताव पर लगभग 40 मिनट की देरी से बहस शुरू हुई. पाकिस्तान नेशनल असेंबली में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू होते ही इमरान सरकार के मंत्री चौधरी फवाद ने अविश्वास प्रस्ताव पर सरकार का पक्ष रखा. लेकिन डिप्टी स्पीकर कासिम सूरी ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव संविधान के अनुच्छेद 5 के खिलाफ है और इसे खारिज किया जाता है. कासिम सूरी ने कहा कि किसी भी बाहरी ताकत को पाकिस्तान में दखल देने का हक नहीं है.
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बता दें कि चौधरी फवाद हुसैन ने कहा था कि अविश्वास प्रस्ताव विदेशी साजिश है. फवाद चौधरी ने कहा कि अनुच्छेद 5(1) के तहत राज्य के प्रति वफादारी प्रत्येक नागरिक का मूल कर्तव्य है. उन्होंने इमरान खान के पहले के दावों को दोहराया कि सरकार को हटाने के पीछे एक विदेशी साजिश है. पाकिस्तान के संविधान का अनुच्छेद-5 कहता है कि हर नागरिक का ये कर्तव्य है कि वो देश के प्रति वफादार होगा.

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