
संसद के मानसून सत्र का कल से आगाज, इन मुद्दों पर हंगामे के आसार, पेश होंगे ये 6 बड़े बिल
AajTak
ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के नेतृत्व वाली बीजेडी ने घोषणा की है कि वह एक मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाएगी और संसद में राज्य के हित के मुद्दों को आक्रामक तरीके से उठाएगी. पटनायक ने अपनी पार्टी के सांसदों से ओडिशा को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग उठाने को कहा है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मंगलवार को केंद्रीय बजट पेश करेंगी.इससे एक दिन पहले यानी कि सोमवार से संसद का मानसून सत्र शुरू हो जाएगा. इस दौरान विपक्ष नीट पेपर लीक, रेलवे सुरक्षा और कांवड़ यात्रा को लेकर यूपी सरकार के फैसले समेत कई मुद्दों पर एनडीए सरकार को घेरने की तैयारी में है. मानसून सत्र से पहले रविवार को केंद्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी. इसमें बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, कांग्रेस नेता गौरव गोगोई और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता शामिल हुए.
6 विधेयक पेश कर सकती है सरकार
सोमवार से शुरू हो रहा संसद का ये सत्र 12 अगस्त तक चलेगा. इसमें कुल 19 बैठकें होनी हैं. इस दौरान सरकार की ओर से छह विधेयक भी पेश किए जाने की उम्मीद है. इसमें 90 साल पुराने विमान अधिनियम को बदलने वाला विधेयक भी शामिल है.साथ ही जम्मू-कश्मीर के बजट के लिए संसद की मंजूरी भी शामिल है. इस दौरान विपक्ष की ओर से हंगामा देखा जा सकता है. मंगलवार को पेश किए जाने वाले बजट से पहले वित्त मंत्री सीतारमण सोमवार को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण भी पेश करेंगी.
ये बिल लाने वाली है सरकार
सत्र के दौरान सूचीबद्ध विधेयकों में फाइनेंस बिल, डिजास्टर मैनेजमेंट, बॉयलर्स बिल, भारतीय वायुयान विधेयक, कॉफी प्रमोशन एंड डेवलपमेंट बिल और रबर प्रमोशन एंड डेवलपमेंट बिल शामिल हैं. सत्र में डिमांड फॉर ग्रांट्स पर चर्चा और मतदान होगा. इसके अलावा एप्रोप्रिएशन बिल पारित होगा. जम्मू कश्मीर के बजट पर भी चर्चा होगी और बजट पास होगा.
यह भी पढ़ें: Stock Market: बजट के दिन कैसी रहेगी शेयर बाजार की चाल? बचे हैं सिर्फ 2 दिन... फिर होंगे बड़े ऐलान!

MP विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार को उस समय मर्यादाएं तार-तार हो गईं, जब कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच तीखी बहस ने अपमानजनक मोड़ ले लिया. सदन में इस्तेमाल किए गए असंसदीय शब्दों के कारण न केवल कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी, बल्कि मुख्यमंत्री को भी मोर्चा संभालना पड़ा.

केरल स्टोरी 2 फिल्म को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. मुस्लिम पक्ष इस फिल्म को राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी सरकार का प्रोपेगेंडा बता रहा है. दूसरी ओर, फिल्म मेकर और सरकार के समर्थक कह रहे हैं कि जो भी घटनाएं हुई हैं, उन्हीं पर इस फिल्म की कहानी आधारित है. इसी बीच कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी इस फिल्म पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.











