
संसद के दरवाजे मकर द्वार को राहुल गांधी ने किसी कॉलेज के गेट जैसा क्यों बना दिया?
AajTak
संसद परिसर के मकर द्वार पर राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच तीखी नोकझोंक हुई. इसके लिए उकसाया राहुल गांधी ने ही. कुछ ऐसा कहा जो लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष होने के नाते उन्हें शोभा नहीं देता. रवनीत सिंह बिट्टू कभी कांग्रेस में राहुल गांधी के करीबी हुआ करते थे, लेकिन फिलहाल वे मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री हैं.
केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को राहुल गांधी ने सीधे सीधे 'गद्दार' बोल दिया. बेवजह. बस, यूं ही. और क्रिया-प्रतिक्रिया ऐसी हुई कि बिट्टू ने भी उन्हें 'देश का दुश्मन' करार दे दिया. वैसे रवनीत सिंह बिट्टू ने राहुल गांधी को देश का दुश्मन कोई पहली बार नहीं कहा है.
राहुल गांधी ने रवनीत सिंह बिट्टू को देखते ही स्वतःस्फूर्त और स्वाभाविक प्रतिक्रिया जाहिर कर दी. जो मन में था, बोल दिया. बिना लाग लपेट के, बगैर नैतिकता की परवाह किए. शिष्टाचार तो छोड़ ही दीजिये. वे खुन्नस से भरे लग रहे थे. कभी राहुल गांधी के बेहद करीबियों में शुमार रवनीत सिंह बिट्टू ने 2024 के आम चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़ दी थी.
रवनीत सिंह बिट्टू के साथ राहुल गांधी जिस तरह संसद परिसर में पेश आए, उससे बच सकते थे. राजनीतिक परिपक्वता तो यही बताती है. कई बार क्रोध पर काबू पाना मुश्किल होता है. लेकिन, राजनीति में बहुत कुछ बर्दाश्त भी करना पड़ता है. छवि बरकरार रखने के लिए ही सही.
क्योंकि, मकर द्वार किसी कॉलेज का गेट नहीं, न ही राहुल गांधी कोई छात्र नेता हैं. फिटनेस और ऊर्जा भले ही राहुल गांधी को युवा नेता बनाए रखे हो, लेकिन जो कुछ हुआ है वो राहुल गांधी के कद के हिसाब से भी सही नहीं है. राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं.
संसद के मकर द्वार पर राहुल-रवनीत संवाद
लक्ष्य के प्रति लगातार संघर्ष के दौर में धैर्य कई बार जवाब दे देता है, राहुल गांधी के साथ वैसा ही हुआ है. लेकिन, ये सब राजनीतिक रूप से दुरुस्त नहीं होता. ये भी है कि राहुल गांधी कभी भी ऐसी बातों की परवाह भी नहीं करते. अंजाम चाहे जो भी हो.

बिहार समेत 10 राज्यों में राज्यसभा की 37 सीटों के लिए हुए चुनाव में कई दिलचस्प नतीजे सामने आए. बिहार, ओडिशा और हरियाणा को छोड़कर अन्य सात राज्यों में 26 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए. वहीं, बिहार की सभी पांच सीटें एनडीए ने जीतीं, जबकि ओडिशा में बीजद और कांग्रेस विधायकों की क्रॉस-वोटिंग के कारण भाजपा को दो सीटें मिलीं. हरियाणा में मतपत्र की गोपनीयता को लेकर विवाद के कारण मतगणना करीब 5 घंटे तक रुकी रही.

दिल्ली में एलपीजी सिलेंडर की कमी से लोगों की परेशानी बढ़ गई है, खासकर झुग्गी बस्तियों में रहने वाले परिवार सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं. गोविंदपुरी के नवजीवन कैंप में कई घरों में खाना बनना बंद हो गया है. पहले 900 रुपये का सिलेंडर अब ब्लैक मार्केट में 4,000 रुपये तक बिक रहा है, जबकि खुले में बिकने वाली गैस 400 रुपये प्रति किलो मिल रही है. कई लोग लकड़ी से खाना बना रहे हैं और गैस एजेंसियों की ओर से मदद नहीं मिलने की शिकायत कर रहे हैं.

आज सबसे पहले हम आपको वो तस्वीर दिखाएंगे. जो मुंद्रा पोर्ट से आई है. यहां स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में गरजती मिसाइल और बरसते ड्रोन्स के बीच से चलकर LPG गैस से भरा शिवालिक जहाज भारत आ गया है. इसमें इतनी गैस है जिससे 32 लाख 40 हजार LPG गैस सिलिंडर भरे जा सकते हैं. लगभग इतनी ही गैस लेकर एक और जहाज. नंदा देवी कल सुबह भारत पहुंच जाएगा. इसके बाद आपको इजरायल-अमेरिका और ईरान के युद्ध के 17वें दिन का हर अपडेट बताएंगे. जंग में पहली बार ईरान ने सेजिल मिसाइल दागी. ये मिसाइल बेहद खतरनाक है, इसके जरिए ईरान अपने देश के किसी भी हिस्से से पूरे इजरायल को निशाना बना सकता है. इस सबके बीच UAE में तेल डिपो में आग लगने के साथ ही दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी हमला हुआ.

दिल्ली एम्स ने 31 वर्षीय हरीश राणा के लिए पैसिव यूथेनेशिया प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस के लिए हरीश को शनिवार को गाजियाबाद स्थित आवास से एम्स के डॉ. बीआर अंबेडकर संस्थान रोटरी कैंसर अस्पताल की पैलिएटिव केयर यूनिट में शिफ्ट किया गया है, जहां धीरे-धीरे हरीश के लाफ सपोर्ट सिस्टम को वापस लिया जाएगा, ताकि शरीर स्वाभाविक रूप से शांत हो जाए.

महायुद्ध सत्रह दिन से जारी है. मैं श्वेता सिंह इस वक्त इजरायल की राजधानी तेल अवीव में हूं. जहां आज भी ईरान की तरफ से मिसाइल से हमला किया जाता रहा. पश्चिम एशिया में युद्ध कब तक चलेगा इस सवाल पर इजरायल ने बड़ी बात कही है. दावा किया कि उसने कम से कम 3 हफ्ते तक युद्ध जारी रखने की योजना बनाई है. अमेरिका और इज़राइल के बीच ईरान पर युद्ध तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर गया है, जिससे तेल की कीमतों पर असर पड़ रहा है. पिछले 15 दिनों में ईरान पर भारी बमबारी हुई है. लेकिन उसने हथियार नहीं डाले हैं, इसके बाद इजरायल कह रहा है कि उसकी योजना अगले 3 हफ्तों तक युद्द जारी रखने की है.

चंद्रपुर में एक बाघ के सड़क पार करने के दौरान लोगों की लापरवाही सामने आई. राहगीरों ने अपनी गाड़ियां रोककर बाघ को घेर लिया और उसके बेहद करीब जाकर सेल्फी और वीडियो बनाने लगे. यह घटना दुर्गापुर-मोहुर्ली रोड की है, जो ताडोबा टाइगर रिजर्व के पास है. वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग कार्रवाई की तैयारी कर रहा है.

युद्ध के मोर्चे पर ये समझ में नहीं आ रहा है कि इस युद्ध में जीत कौन रहा है. जिस ईरान को समझा जा रहा है कि सुप्रीम लीडर के मारे जाने के बाद वो सरेंडर कर देगा. वो कहीं से भी पीछे हटता नहीं दिख रहा है. बल्कि ईरान तो और ज्यादा अग्रेसिव हो गया है. और इजरायल के अलावा उसने यूएई का बुरा हाल किया हुआ है. दुबई को तो ईरान ने धुआं धुआं कर दिया. दुबई का हाल ये है कि उसकी ग्लोबल कैपिटल वाली इमेज को ईरान के हालिया हमलों से बहुत बड़ा डेंट लगा है.






