
संसद का मॉनसून सत्र आज से शुरू, जानें किन मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में विपक्ष
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आज से संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत हो रही है. यह सत्र सुबह 11:00 बजे शुरू होगा और लगभग एक महीने तक चलेगा, जिसका समापन 21 अगस्त को होगा. विपक्ष ने सत्र से पहले हुई पार्टी मीटिंग में अपने तेवर साफ कर दिए हैं, जिससे पिछले सत्र की तरह इस बार भी संसद में हंगामे के पूरे आसार हैं. विपक्ष पहलगाम आतंकी हमले को लेकर सरकार को घेरेगा, जिसमें अभी तक आतंकी नहीं पकड़े गए हैं.

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि अली लारीजानी के जाने से ईरान की व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी और संघर्ष जारी रहेगा. उन्होंने इस युद्ध के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर भी सख्त रुख दिखाते हुए उन्होंने इस जलमार्ग से अमेरिका, इजरायल और उसके सहयोगियों की जहाजें नहीं गुजरने देने की बात कही.

ईरान में कल लारीजानी की हमले में मौत के बाद इस वक्त महायुद्ध महाभीषण मोड़ पर पहुंच चुका है. IDF ने पुष्टि की है कि कुछ ही देर पहले, ईरान से इज़राइल की ओर मिसाइलें दागी गई हैं. इस खतरे को रोकने के लिए डिफेंस सिस्टम सक्रिय हो गया है. होम फ्रंट कमांड ने संबंधित क्षेत्रों में लोगों के मोबाइल फ़ोन पर सीधे तौर पर एक प्रारंभिक निर्देश जारी किया है.

इजरायल के लेबनान पर लगातार हमले जारी है, एक के बाद एक इजरायल लेबनान के कई हिस्सों पर भी,ण बमबारी कर रहीा है. बेरूत में भी इजरायल रिहायशी इलाकों को अपना निशाना बना रहा है. सेंट्रल बेरूत में इरजरायली एयरफोर्स ने एक 22 मंजिला इमारत को टारगेट किया, जिसके बाद बिल्डिंग पूरी तरह सेढह गई. इस हमले में अबतक 6 लोगों की मौत हो चुकी है.

राज्यसभा और लोकसभा, संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही चल रही है. राज्यसभा में आज कार्यकाल पूरा कर रहे सदस्यों को विदाई दी जा रही है. इस मौके पर प्रधानमंत्री ने सदन को संबोधित किया तो मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी भाषण दिया. इस दौरान खड़गे ने कहा कि विदा होने वाले सदस्यों में बहुत से फिर सदन में लौटेंगे. सुनिए भाषण.

अमेरिका और ईरान युद्ध के चलते खाड़ी देश में रह रहे भारतीय मुस्लिम जंग के साये में ईद मनाने के लिए मजबूर है. इस बार घर और परिवार के साथ ईद मनाने के अरमानों पर पानी फिर गया है, युद्ध के चलते फ्लाइट कैंसिल हो रही है तो एयर टिकट महंगा है और नौकरी खोने का भी खतरा भी सता रहा है, जिसके चलते परदेस में ही ईद मनाने को बेबस हैं.








