
संविधान दिवस पर बोले CJI रमन्ना- न्याय देना सिर्फ न्यायपालिका का कार्य नहीं, यह तीनों अंगों पर निर्भर
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सीजेआई ने कहा, न्यायपालिका कार्यपालिका की भूमिका या उसे हड़पती नहीं है. एक संस्था को दूसरी संस्था के खिलाफ चित्रित करने या एक विंग को दूसरे के खिलाफ रखने की उसकी शक्तियां केवल लोकतंत्र के लिए एक गलतफहमी पैदा करती हैं. यह लोकतंत्र के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है.
सुप्रीम कोर्ट में शनिवार को संविधान दिवस समारोह का आयोजन किया गया है. इस दौरान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एन वी रमन्ना ने कहा, सामान्य धारणा है कि न्याय देना केवल न्यायपालिका का कार्य है. लेकिन इतना भर ही सही नहीं है. यह तीनों अंगों पर निर्भर करता है. विधायिका और कार्यपालिका द्वारा किसी भी किस्म की नजरअंदाजी से न्यायपालिका पर केवल अधिक बोझ पड़ेगा बल्कि कभी-कभी न्यायपालिका केवल कार्यपालिका को धक्का देती है.

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