
संयोग या साजिश? अदानी, सोरोस और केन्या... अमेरिका के रिश्वतखोरी आरोप से लेकर इसके वैश्विक असर तक
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जॉर्ज सोरोस का प्रभाव अमेरिका से लेकर वैश्विक राजनीति तक फैला हुआ है. अदानी ग्रुप पर अमेरिकी रिश्वतखोरी आरोप और केन्या में डील रद्द होने की घटनाएं संयोग हैं या सोरोस जैसे ताकतवर लोगों की रणनीति, यह सवाल खड़ा कर रही हैं.
जॉर्ज सोरोस का नाम अक्सर राजनीति और विवादों से जुड़ा रहता है. अमेरिका में डेमोक्रेटिक नेताओं और प्रगतिशील कारणों को समर्थन देने वाले सोरोस के प्रभाव पर फिर से सवाल उठ रहे हैं. उनकी फंडिंग सीनेट मेजॉरिटी लीडर चक शूमर से लेकर कई महत्वपूर्ण न्यायिक नियुक्तियों तक देखी गई है. इस बीच, अमेरिका में रिश्वतखोरी के आरोपों के बाद केन्या ने अदानी ग्रुप की बड़ी डील रद्द कर दी. इससे यह सवाल उठता है कि क्या सोरोस का इस फैसले में कोई हाथ है, या यह सिर्फ एक संयोग है?
सोरोस का अमेरिकी राजनीति पर प्रभाव जॉर्ज सोरोस लंबे समय से अमेरिकी राजनीति में डेमोक्रेटिक नेताओं और प्रगतिशील मुद्दों के सबसे बड़े समर्थकों में से एक रहे हैं. उनकी डेमोक्रेसी पीएसी II ने जून 2024 में सीनेट मेजॉरिटी पीएसी को $2.5 मिलियन का दान दिया. 2021 से 2024 के बीच उन्होंने कुल $16 मिलियन डेमोक्रेटिक पार्टी को दिए. सीनेट मेजॉरिटी लीडर चक शूमर और सोरोस परिवार के बीच करीबी संबंधों ने हालिया राजनीतिक और न्यायिक फैसलों को लेकर सवाल खड़े किए हैं.
बाइडन को सोरोस का समर्थन सोरोस ने 2020 में बाइडन के चुनाव अभियान के लिए $2,800 दिए थे. उनकी संस्था ओपन सोसाइटी फाउंडेशन ने कई 'प्रगतिशील' अभियानों को फंड किया, जैसे कि Gen Z for Change, जिसने युवाओं के बीच बाइडन की नीतियों को प्रचारित किया. यह ग्रुप व्हाइट हाउस और डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी के साथ काम करता है. ओपन सोसाइटी फाउंडेशन ने इसे 2020 और 2021 में $5.5 मिलियन दिए, जिसमें से $300,000 2022 में Gen Z for Change को दिए गए.
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अदानी पर आरोप और केन्या डील रद्द मार्च 2021 में चक शूमर की सिफारिश पर ब्रीऑन पीस को न्यूयॉर्क ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट का यूएस अटॉर्नी बनाया गया. अगस्त 2021 में उन्होंने पद संभाला और हाल ही में अदानी पर रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी के आरोप लगाए. इसके तुरंत बाद, केन्या सरकार ने अदानी ग्रुप के साथ 30 साल की डील रद्द कर दी. इस डील में पावर लाइन और अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का निर्माण शामिल था.
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