
संजय कपूर की ₹30,000 करोड़ की विरासत का वारिस कौन? मौत, विवाद और कानूनी जंग की पूरी कहानी
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Sona Comstar और दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की मां Rani Kapoor के बीच विवाद लगातार बढ़ रहा है और बोर्ड पर बड़े आरोप लगाते हुए अब रानी कपूर ने बेटे की मौत की परिस्थितियों की जांच का अनुरोध भी ब्रिटिश अधिकारियों से किया है.
दिवंगत उद्योगपति और बॉलीवुड अभिनेत्रा करिश्मा कपूर (Karishma Kapoor) के पूर्व पति संजय कपूर (Sunjay Kapur) की करीब 30,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की विरासत को लेकर जारी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है और उनकी मौत के बाद विवाद कानूनी लड़ाई तक पहुंच गया है. इस बीच उनकी मां रानी कपूर (Rani Kapur) लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं, जिन्होंने बीते दिनों सोना बीएलडब्ल्यू प्रसिजन फोर्जिंग्स (Sona Comstar) के स्टेकहोल्डर्स को एक लेटर लिखकर सनसनी फैला दी थी.
इसमें कहा गया था कि बीते जून महीने में उनके बेटे की अचानक मौत के बाद उसकी पारिवारिक विरासत को हड़पने की कोशिश हो रही है. कानूनी जंग के बीच अब संजय कपूर की मौत की जांच का भी अनुरोध उनकी मां की ओर से किया गया है. आइए जानते हैं इस मामले में क्या है लेटेस्ट अपडेट?
उत्तराधिकार विवाद में लगातार नए मोड़ ऑटो उद्योग के दिग्गज दिवंगत सुरिंदर कपूर की पत्नी और दिवंगत संजय कपूर की मां, रानी कपूर लगातार चर्चा में हैं और ये एक शोकाकुल मां के रूप में ही नहीं, बल्कि एक बढ़ते उत्तराधिकार विवाद के अप्रत्याशित चेहरे के रूप में सुर्खियां बनी हुई हैं. अपने बेटे संजय कपूर की अचानक मृत्यु के कुछ हफ्ते बाद ही रानी कपूर ने आरोप लगाया कि परिवार की प्रमुख कंपनी सोना कॉमस्टार पर कंट्रोल के एक महत्वपूर्ण बदलाव के दौरान उन्हें गुमराह किया गया और दरकिनार किया गया. उन्होंने बीते दिनों Sona Comstar के शेयरहोल्डर्स को AGM से ऐन पहले लेटर लिखकर दावा किया कि समूह में उनकी बहुसंख्यक हिस्सेदारी (Majority Stake) है और वे संपत्ति की कानूनी उत्तराधिकारी हैं.
रानी कपूर के लेटर में क्या-क्या? कंपनी की सालाना आम बैठक की पूर्व संध्या पर शेयरधारकों को भेजे लेटर पर गौर करें, तो Rani Kapur ने दावा किया था कि भावनात्मक संकट की स्थिति में उन्हें डॉक्युमेंट्स पर साइन करने के लिए मजबूर किया गया, वो भी बंद दरवाजों के पीछे और इसके साथ ही कंपनी के अकाउंट्स और सूचनाओं तक पहुंच से भी दूर रखा गया. दिवंगत संजय कपूर की मां ने आरोप लगाते हुए कहा था कि बेटे के निधन के बाद शोक के दौरान हस्ताक्षरित दस्तावेजों का इस्तेमाल अब परिवार के विरासती व्यवसाय पर नियंत्रण को गलत तरीके से दर्शाने के लिए किया जा रहा है.
'बेटे की मौत की हो पूरी जांच...' इस कानूनी लड़ाई में लेटेस्ट अपडेट की बात करें, तो Rani Kapur ने यह भी दावा किया है कि उनके बेटे की यूनाइटेड किंगडम (UK) में बेहद संदिग्ध और अस्पष्ट परिस्थितियों में मौत हो गई थी. इस मामले से जुड़े सूत्रों ने इंडिया टुडे को बताया कि रानी कपूर ने अब ब्रिटिश अधिकारियों से उनकी मृत्यु की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच करने का अनुरोध किया है, क्योंकि 'मधुमक्खी के डंक' को संजय कपूर की मौत का कारण बताया गया था, जो रहस्यमय प्रतीत होता है और अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती है.
यही नहीं सूत्रों की मानें तो रानी कपूर अब ये दावा लगातार कर रही हैं, कि उन्हें अपने ही घर, खाता कंपनियों और सभी संपत्तियों से बेदखल कर दिया गया है. उनका कहना है कि आज जिन कंपनियों और चल संपत्तियों पर सवाल उठ रहे हैं, वे सभी 1980 और 1990 के दशक में अधिग्रहित और विकसित की गई थीं, जब रानी कपूर और उनके पति दिवंगत डॉ. सुरिंदर कपूर के अलावा किसी की भी इसमें कोई भूमिका नहीं थी. इसके अलावा, डॉ. कपूर ने अपनी संपत्ति, संपदा और शेयरधारिता पूरी तरह से रानी कपूर को सौंपते हुए एक वसीयत बनाई थी.

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