
श्रीलंका की बुर्का बैन पर नई चाल या पाकिस्तान से डरकर हट रहा पीछे?
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श्रीलंका ने कुछ ही दिनों पहले बुर्का बैन पर कानून लाने का ऐलान किया था लेकिन पाकिस्तान के उच्चायुक्त और मुस्लिम संगठनों के विरोध के बाद उसका रुख बदलता नजर आ रहा है. विश्लेषकों का कहना है कि श्रीलंका के मानवाधिकार रिकॉर्ड पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में सुनवाई होने वाली है और पाकिस्तान समेत कई मुस्लिम देश भी वोटिंग में हिस्सा लेंगे इसीलिए अब वह अपने कदम से पीछे हट रहा है.
श्रीलंका बुर्के पर प्रतिबंध का ऐलान करने के बाद इससे पीछे हटता दिख रहा है. अब उसने सफाई दी है कि उसे प्रतिबंध को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं है. मंगलवार को श्रीलंका की कैबिनेट के प्रवक्ता केहेलिया राम्बुकावेला ने कहा कि यह एक गंभीर फैसला है जिस पर सहमति और परामर्श की जरूरत है. उन्होंने कहा, ''इस फैसले को मुस्लिम संगठनों से परामर्श और सहमति के बाद ही लागू किया जाएगा. हम इस प्रस्ताव को लेकर किसी भी तरह की जल्दबाजी में नहीं हैं.'' श्रीलंका का यह बयान तब आया है जब कोलंबो स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग ने इसे लेकर कड़ा एतराज जताया था. पाकिस्तान ने कहा था कि यह विभाजनकारी फैसला है और इससे श्रीलंका समेत दुनिया भर के मुसलमानों की भावनाएं आहत होंगी.
वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

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