
श्रद्धा से लेकर शहनूर तक, Live in Relationship बना जान का दुश्मन... दिल दहला देगी कत्ल की ये कहानी
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दिल्ली का श्रद्धा वाल्कर मर्डर केस, निक्की यादव हत्याकांड, उसके बाद लखनऊ का रिया गुप्ता केस और फिर मुंबई का सरस्वती मर्डर केस, लिव इन रिलेशन में कत्ल के न जाने कितने ही वाकये हमारे सामने हैं. ऐसी ही एक वारदात उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में सामने आई है, जिसकी कहानी दिल दहला देगी.
पहले दिल्ली का श्रद्धा वाल्कर मर्डर केस, फिर दिल्ली का ही निक्की यादव हत्याकांड, उसके बाद लखनऊ का रिया गुप्ता केस और फिर मुंबई का सरस्वती मर्डर केस, लिव इन रिलेशन में कत्ल के न जाने कितने ही वाकये हमारे सामने हैं. देहरादून के जंगलों में भी लिव इन रिलेशन की एक ऐसी लव स्टोरी पिछले चार महीनों से कैद पड़ी थी. लेकिन एक रोज पुलिस जब बीच रास्ते में ही गुम हो गई इस स्टोरी का सिरा तलाशती हुई जंगलों में पहुंची, तो उसे ना सिर्फ सूटकेस के साथ एक लड़की की सड़ी गली लाश मिली, बल्कि लिव इन में हुए कत्ल की एक ऐसी कहानी पता चली, जिसने सबको सन्नाटे में डाल दिया.
लिव इन मर्डर की इस दहलाने वाली स्टोरी की शुरुआत हुई 29 जनवरी 2024 को जब हरिद्वार की रहने वाली एक महिला ने देहरादून के पटेलनगर कोतवाली में अपनी 24 साल की बेटी शहनूर की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई. महिला का कहना था कि उसकी बेटी देहरादून के ही संस्कृति विहार कॉलोनी में रह कर ब्यूटीशियन का काम करती थी, लेकिन 26 दिसंबर 2023 से अचानक कुछ ऐसे गायब हो गई अब किसी को ढूंढे नहीं मिल रही है. अपने घरवालों से शहनूर के रिश्ते अच्छे थे, उसका किसी से कोई विवाद भी नहीं था. ऐसे में उसका अचानक यूं गायब हो जाना हैरान करने वाला था.
पुलिस ने शहनूर के घरवालों की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी. पुलिस ने लड़की को जानने वाले लोगों से बात की, उसके मोबाइल फोन की कॉल डिटेल निकलवाई और दूसरे तरीकों से भी उसके बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी जुटाने की कोशिश की. कोशिश रंग लाई और जल्द ही उसे पता चल गया कि शहनूर संस्कृति लोक कॉलोनी में अकेली नहीं बल्कि राशिद नाम के एक लड़के के साथ लिव इन में रहा करती थी. अब पुलिस ने राशिद के बारे में पता करना शुरू किया, लेकिन वो गायब था. जाहिर है शहनूर की गुमशुदगी के साथ ही उसके लिव इन पार्टनर का गायब हो जाना काफी कुछ कहता था. ऐसे में पुलिस ने उसकी तलाश में पूरी ताकत लगा दी. मुखबिरों से जानकारी जुटाने लगी.
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करीब 4 महीने बाद 30 मार्च को राशिद की जानकारी मिल गई. पुलिस को पता चला कि वो देहरादून के संस्कृति विहार के अपने पुराने मकान से अपने सामान लेने पहुंचा है. बस पुलिस ने राशिद को यहीं से दबोच लिया. लेकिन किसी भी दूसरे कातिल की तरह राशिद ने पुलिस को घुमाना शुरू किया. उसने शहनूर को जानने की बात तो मानी लेकिन उसके बारे में कोई जानकारी होने की बात से इनकार करने लगा. लेकिन चूंकि सारे सबूत उसकी तरफ ही इशारा कर रहे थे, तो पुलिस ने उससे सख्ती की और आखिरकार उसने एक ऐसी कहानी सुनाई, जिसने पुलिस वालों को भी हैरान कर दिया. उसने कबूल कर लिया कि उसने 27 दिसंबर 2023 को ही शहनूर की हत्या कर दी थी.

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