
श्योपुर में नर्सिंग की छात्रा ने हॉस्टल के अंदर फंदा लगाकर किया सुसाइड, देखते ही मची चीख-पुकार
AajTak
श्योपुर के कन्या छात्रावास में नर्सिंग की एक छात्रा ने कमरे के अंदर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली. मृतका यहां अपनी बहन के साथ रह रही थी. जब छात्रा ने सुसाइड किया उस समय उसकी बहन बाथरूम में थी. फिलहाल पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर मामले की जांच शुरू कर दी है.
मध्यप्रदेश के श्योपुर में कन्या छात्रावास में रहकर नर्सिंग का कोर्स कर रही एक छात्रा ने अज्ञात कारणों के चलते फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली. मामले में जहां पुलिस ने मृतका का पोस्टमार्टम करवाकर जांच शुरू कर दी है. वहीं, जिला कलेक्टर ने 3 सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर 2 दिनों में प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं.
जानकारी के मुताबिक, श्योपुर शहर के बायपास रोड पर स्थित पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास पिछड़ा वर्ग में 22 साल की राजकुमारी निवासी सोंठवा नर्सिंग का कोर्स कर रही थी. मृतका छात्रा राजकुमारी के साथ उसकी छोटी बहन अनीता भी रहती थी, जो बीए की छात्रा है. दोनों बहनें छात्रावास के एक ही कमरे में रह रहीं थीं. सुबह 8 बजे करीब जब राजकुमारी की छोटी बहन अनीता नहाने के लिए गई तो उसी समय राजकुमारी ने कमरे में फांसी लगा ली.
जब उसकी छोटी बहन नहाकर वापिस आई तो कमरे का गेट लगा देख उसने बहन को आवाज लगाई. जब राजकुमारी ने गेट नहीं खोला तो वह जोर-जोर से चिल्लाने लगी, जिसके बाद छात्रावास में रहने वाली अन्य छात्राएं और छात्रावास अधीक्षिका गीता बैंस भी वहां आ गईं. बहन और छात्रावास की छात्राओं ने मिलकर कमरे का गेट तोड़कर फंदे पर लटकी राजकुमारी को उतार लिया. फिर उसे स्टाफ की मदद से जिला चिकित्सालय लेकर पहुंच गए, जहां उपचार के दौरान राजकुमारी की मौत हो गई.
घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली पुलिस भी मौक पर पहुंच गई. पुलिस ने मृतका का पोस्टमार्टम के बाद मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी. उधर मामला संज्ञान में आते ही जिला कलेक्टर संजय कुमार ने तीन सदस्यीय जांच दल गठित कर दिया है. इस समिति में एसडीएम मनोज गढ़वाल, महिला बाल विकास अधिकारी ओपी पांडेय और सामाजिक न्याय विभाग की उप संचालक शशिकरण एक्का शामिल हैं.

MP विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार को उस समय मर्यादाएं तार-तार हो गईं, जब कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच तीखी बहस ने अपमानजनक मोड़ ले लिया. सदन में इस्तेमाल किए गए असंसदीय शब्दों के कारण न केवल कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी, बल्कि मुख्यमंत्री को भी मोर्चा संभालना पड़ा.

केरल स्टोरी 2 फिल्म को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. मुस्लिम पक्ष इस फिल्म को राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी सरकार का प्रोपेगेंडा बता रहा है. दूसरी ओर, फिल्म मेकर और सरकार के समर्थक कह रहे हैं कि जो भी घटनाएं हुई हैं, उन्हीं पर इस फिल्म की कहानी आधारित है. इसी बीच कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी इस फिल्म पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.











