
शिवसेना के सांसदों की बैठक में अकेले पड़े संजय राउत, द्रौपदी मुर्मू के सपोर्ट में अधिकांश MP
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President Election 2022: राष्ट्रपति चुनाव की तारीख (18 जुलाई) नजदीक आ रही है. बगावत से जूझ रही शिवसेना अभी तय नहीं कर पाई है कि उसको यशवंत सिन्हा को वोट देना है या द्रौपदी मुर्मू के साथ जाना है.
शिवसेना पार्टी में चल रही बगावत आने वाले राष्ट्रपति चुनाव में और खुलकर सामने आ सकती. विधायकों के बाद शिवसेना के कुछ सांसद पार्टी लाइन से अलग जाते दिख रहे हैं. राष्ट्रपति चुनाव में यशवंत सिन्हा (विपक्ष के उम्मीदवार) या फिर द्रौपदी मुर्मू को वोट दिया जाए यह सवाल शिवसेना के सामने खड़ा है. इसमें कुछ सांसद द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में हैं वहीं संजय राउत ने सांसदों से कहा है कि यशवंत सिन्हा का समर्थन करना चाहिए.
बता दें कि राष्ट्रपति चुनाव में बीजेपी के NDA गठबंधन ने द्रौपदी मुर्मू को उम्मीदवार बनाया है. वहीं विपक्ष ने यशवंत सिन्हा को मैदान में उतारा है. बीजेपी और शिवसेना के रिश्ते अब पहले जैसे नहीं और ये बीतते वक्त के साथ बिगड़ते जा रहे हैं, ऐसे में उद्धव ठाकरे के साथी संजय राउत यशवंत सिन्हा को पार्टी का समर्थन देना चाहते हैं. लेकिन अभी आखिरी फैसला उद्धव ठाकरे को लेना है.
संजय राउत ने कहा- यशवंत सिन्हा का समर्थन करें
सोमवार को उद्धव ठाकरे ने अपने तमाम सांसदों की एक बैठक बुलाई थी. बैठक में 19 में से कुल 11 सांसद मौजूद रहे थे. उस बैठक के दौरान ज्यादातर सांसदों ने उद्धव से अपील की है कि वे राष्ट्रपति चुनाव में द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करें.
इस मीटिंग में शिवसेना सांसद संजय राउत भी शामिल हुए थे. उन्होंने साफ तौर पर यशवंत सिन्हा को समर्थन देने की बात कही है. वे चाहते हैं कि इस राष्ट्रपति चुनाव में शिवसेना की तरफ से विपक्ष के साझा उम्मीदवार का समर्थन किया जाए.
ऐसे में अब फैसला उद्धव ठाकरे के पाले में है, वे मुर्मू के साथ जाने का मन बनाते हैं या विपक्ष का समर्थन कर आगे की राजनीतिक बिसात बिछाते है, इस पर सभी की नजर रहने वाली है.

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