
शिमला में मस्जिद को लेकर बवाल, हिंदू संगठन का प्रोटेस्ट फिर शुरू, कुल्लू में सड़क पर हनुमान चालीसा का पाठ
AajTak
हिमाचल प्रदेश के संजौली मस्जिद विवाद का अभी तक कोई हल नहीं निकल सका है. यहां हिंदू संगठन ने एक बार फिर प्रोटेस्ट शुरू कर दिया है. विरोध-प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर 'हनुमान चालीसा' का पाठ किया. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मस्जिद का निर्माण अतिक्रमण कर किया गया है. इस मामले में प्रशासन तत्काल कार्रवाई करे.
हिमाचल प्रदेश के शिमला के सुन्नी कस्बे में संजौली मस्जिद विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है. इसको लेकर कुल्लू में विरोध प्रदर्शन किया गया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने 'हनुमान चालीसा' का पाठ किया. प्रदर्शनकारियों ने मस्जिद के अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ नाराजगी जताई. शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराते हुए लोगों ने प्रशासन से मुद्दों को हल करने की मांग की.
कुल्लू के अखाड़ा बाजार में लोगों ने विरोध प्रदर्शन कर कहा कि मस्जिद का निर्माण अवैध रूप से किया गया है और यह क्षेत्र में अतिक्रमण का हिस्सा है. विरोध करने वाले लोगों ने प्रशासन से इस अवैध निर्माण को तुरंत हटाने की मांग की है.
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि धार्मिक स्थलों के निर्माण में कानूनी प्रक्रिया का पालन होना चाहिए. बिना अनुमति के निर्माण से व्यवस्था पर असर पड़ता है. प्रशासन ने विरोध प्रदर्शनों को संज्ञान में लेते हुए स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है.
सुन्नी व्यापार मंडल के आह्वान पर बंद रहे बाजार
संजौली मस्जिद विवाद को लेकर सुन्नी व्यापार मंडल ने 'बंद' का आह्वान किया था. इस आह्वान के बाद कस्बे के बाजार बंद रहे. यह बंद संजौली मस्जिद को लेकर चल रहे विवाद के विरोध में बुलाया गया था. सुन्नी व्यापार मंडल के बंद के चलते स्थानीय व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ा है, लेकिन व्यापारियों ने इस बंद को समर्थन देते हुए प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की है. व्यापार मंडल ने प्रशासन से मस्जिद से संबंधित मुद्दों के समाधान की मांग की.
यह भी पढ़ें: 'अवैध ढांचा खुद तोड़ो, वर्ना प्रशासन तोड़ेगा...', मंडी नगर निगम का मस्जिद कमेटी को निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.

दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में पुलिसकर्मी बनकर एक केन्याई महिला से 66 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने ठाणे से 48 वर्षीय सुरेश रंगनाथ चव्हाण को गिरफ्तार किया है. उसका एक साथी अभी फरार है. 21 जनवरी को एम. जी. रोड पर आरोपी ने अपने साथी के साथ महिला की टैक्सी रोककर जांच के बहाने 66.45 लाख रुपये से भरे बैग जब्त किए और पुलिस स्टेशन चलने का कहकर फरार हो गया.








