
शहडोल में एक साथ दो बाघों की मौत, 34 दिनों में 9 बाघ गंवा चुका है मध्य प्रदेश
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MP के शहडोल में करंट लगने से एक बाघ और एक बाघिन की मौत हो गई है. साल 2026 में अब तक राज्य में 9 बाघों की जान जा चुकी है, जिससे वन्यजीव प्रेमियों में भारी आक्रोश है.
मध्य प्रदेश में बाघों की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे तमाम दावे खोखले साबित हो रहे हैं. शहडोल वन मंडल के उत्तर वन क्षेत्र में एक खेत में बाघ और बाघिन के शव मिलने से हड़कंप मच गया है. दोनों की मौत बिजली का करंट लगने से हुई है. इस साल की शुरुआत से अब तक राज्य में कुल 9 बाघों की मौत हो चुकी है.
प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) सुभरंजन सेन ने एक न्यूज एजेंसी को बताया कि दोनों शव उत्तरी शहडोल वन प्रभाग में कृषि भूमि में 100 मीटर से भी कम दूरी पर मिले, जो जिला मुख्यालय से लगभग 75 किमी दूर है.
सेन ने कहा, "बाघों की मौत बिजली का झटका लगने से हुई. घटना में इस्तेमाल किए गए तार बरामद कर लिए गए हैं. इन दो मौतों के साथ, इस साल 1 जनवरी से मध्य प्रदेश में नौ बाघों की मौत हो चुकी है. इनमें से सात मौतें जनवरी में हुई थीं."
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि किसान जानवरों से फसलों को बचाने के लिए ऐसे बिजली के जाल बिछाते हैं, लेकिन अक्सर इनमें बाघ फंसकर मर जाते हैं.
यह घटना तब हुई है जब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने हाल ही में वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे की याचिका पर केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है.
अपनी याचिका में, दुबे ने दावा किया कि 2025 में राज्य में 54 बाघों की मौत हुई, जो प्रोजेक्ट टाइगर की शुरुआत के बाद से दर्ज की गई सबसे अधिक वार्षिक मृत्यु दर है, जिसमें आधे से ज्यादा मौतें अप्राकृतिक कारणों से हुई हैं.

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