
'वो ड्रग लीडर हैं, नहीं मिलेगी सब्सिडी...', कोलंबियाई राष्ट्रपति पर भड़के ट्रंप, दे दिया झटका
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लैटिन अमेरिका को समस्या मानते हैं, खासकर मेक्सिको और कोलंबिया को. उनका कहना है कि इन देशों से बड़े पैमाने पर अवैध प्रवासी लगातार अमेरिका में दाखिल हो रहे हैं. ट्रंप का कहना है कि कोलंबिया ड्रग्स तस्करों का अड्डा बन गया है, जिस पर लगाम लगानी जरूरी है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कोलंबिया से खफा हैं. कोलंबिया को लेकर उनका गुस्सा इतना बढ़ा हुआ है कि उन्होंने कोलंबिया को अमेरिकी सब्सिडी से महरूम कर दिया है.
ट्रंप का कहना है कि कोलंबिया को अब से अमेरिकी सब्सिडी नहीं मिलेगी. इतना ही नहीं ट्रंप ने कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो को अवैध ड्रग लीडर तक बता दिया है.
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर बताया कि कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ड्रग लीडर हैं और वह देशभर में ड्रग्स को बढ़ावा दे रहे हैं. ड्रग्स अब कोलंबिया में सबसे बड़ा बिजनेस बन गया है और पेट्रो इसे रोक नहीं रहे हैं. अमेरिका से बड़े पैमाने पर मिलने वाली सब्सिडी के बावजूद अमेरिका को तबाह किया जा रहा है. आज से और अभी से कोलंबिया को हमारी ओर से दी जाने वाली सब्सिडी या किसी भी तरह के भुगतान पर रोक लगाई जाती है.
उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर ड्रग्स की खेप कोलंबिया से अमेरिका भेजी जा रही है, जिससे अमेरिकी नागरिकों की मौत हो रही है और तबाही मच रही है. पेट्रो कम रेटिंग वाले बहुत ही अलोकप्रिय नेता हैं. उनके लिए बेहतर होगा कि ड्रग्स तस्करों पर लगाए लगाएं वरना अमेरिका अपने तरीके से इनसे निपटेगा और वह बिल्कुल सही तरीका नहीं होगा.
ट्रंप को कोलंबिया से दिक्कत क्या है?

ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गलीबाफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका-ईरान वार्ता का दावा फर्जी बताया. उनका कहना है कि यह वित्तीय और तेल बाजार को प्रभावित करने और अमेरिका-इजरायल की रणनीतिक विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए फैलाया गया. ईरान ने किसी भी वार्ता की पुष्टि से इनकार किया.

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युद्ध के 24वें दिन आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चौंकाने वाला बड़ा ऐलान किया. ट्रंप ने कहा कि बीते 2 दिनों से हो रही बातचीत के बाद मैंने ईरानी पावर प्लांट्स पर 5 दिनों के लिए हमले करना रोक दिया है. गौरतलब है कि भारतीय समय से आज रात ही ईरानी पावर प्लांट्स पर हमला करने की ट्रंप की डेडलाइन पूरी हो रही थी. सवाल ये है कि क्या ट्रंप ने अचानक यू टर्न लिया है? अगर ईरान के साथ बीते 2 दिनों से बातचीत हो रही थी तो लगभग 2 दिनों पहले उन्होंने अल्टीमेटम क्यों दिया था? क्यों उन्होंने शक्ति से शांति की बात की थी? सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान के तेवरों के आगे ट्रंप एग्जिट रूट ढूंढ रहे हैं? ट्रंप के ऐलान से क्या युद्ध रुक जाएगा? क्या ईरान और इजरायल युद्ध रोकेंगे? ईरान की मीडिया के अनुसार अमेरिका से ईरान का कोई संपर्क नहीं है.

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ईरान लगातार इजरायल को निशाना बना रहा है. यरुशलम में ईरान के हमले की आशंका को लेकर सायरन बजे. आनन-फानन में लोग बम शेल्टर की ओर भागे. ये सायरन ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी देते हैं. हमसे ले पहले कुछ मिनटों का ही समय होता है जिसमें इजरायली नागरिक अपने करीबी बम शेल्टर में तब तक शरण लेते हैं जब तक कि खतरा टल न जाए. देखें वीडियो.








