
वैक्सीन रजिस्ट्रेशन प्रोसेस में जुड़ा 4 डिजिट सिक्योरिटी कोड फीचर, जानिए सरकार ने क्या कहा
AajTak
Corona वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन कर रहे हैं तो इस नए फीचर के बारे में आपको जान लेना चाहिए. सरकार ने कहा है कि ये चार डिजिट का सिक्योरिटी फीचर एरर को कम करेगा.
कोरोना वायरस वैक्सीन के लिए लोगों की जद्दोजहद जारी है. हफ्ते दो हफ्ते तक का स्लॉट नहीं मिल रहा है. COWIN पोर्टल से रजिस्ट्रेशन कराया जा रहा है. अब वैक्सीन रजिस्ट्रेशन में एरर को कम करने के लिए 4 डिजिट का सिक्योरिटी कोड सिस्टम लाया गया है. 8 मई से ये 4 डिजिट सिक्योरिटी कोड सिस्टम लागू होगा. वेरिफिकेशन के बाद वैक्सीनेटर या वेरिफायर चार डिजिट का कोड आपसे मांगेगा. ऐसा क्यों किया गया है? सरकार के मुताबिक ये नया फीचर सिर्फ उन लोगों के लिए है जिन्होंने वैक्सीन स्लॉट के लिए ऑनलाइन बुक किया है. ये 4 डिजिट का सिक्योरिटी कोड अप्वाइंटमेंट के एक्नॉलेजमेंट स्लिप पर प्रिंट हो कर आएगा और ये वैक्सीनेटर को तब ही पता चलेगी जब आप उन्हें देंगे. ये एक तरह से वेरिफिकेशन का काम करेगा.
'भारत से प्यार है, लेकिन अमेरिका ने मेरी जिंदगी बदल दी'... अमेरिका में रहने वाले युवक की पोस्ट वायरल
वेणु अमेरिका में रहते हैं और एक इंवेस्टर हैं. उन्होंने बताया कि अमेरिका आने के बाद उनकी सोच और जिंदगी बदल गई. यहां मेहनत, अनुशासन और धैर्य की बहुत कद्र होती है. जो ईमानदारी से मेहनत करता है और जोखिम लेने को तैयार है, वह आगे बढ़ सकता है.

चांदी की कीमतों ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। 19 जनवरी 2026 को चांदी तीन लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई. 2004 में चांदी की कीमत मात्र दस हजार रुपये प्रति किलो थी, जो अब तीन सौ गुना बढ़ चुकी है. अगर ये रफ्तार जारी रही तो 2030 तक चांदी बारह लाख रुपये प्रति किलो, 2040 तक एक करोड़ और 2050 तक तीन से पाँच करोड़ रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है.

Aaj 20 January 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 20 जनवरी 2026, दिन- मंगलवार, माघ मास, शुक्ल पक्ष, द्वितीया तिथि , श्रवण नक्षत्र दोपहर 13.06 बजे तक फिर धनिष्ठा नक्षत्र, चंद्रमा- मकर में, सूर्य- मकर में, अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12.11 बजे से दोपहर 12.53 बजे तक, राहुकाल- दोपहर 15.11 बजे से दोपहर 16.31 बजे तक, दिशा शूल- उत्तर.

प्रयागराज के माघ मेले में मौनी अमावस्या के अवसर पर आश्चर्यजनक और अविश्वसनीय दृश्य दिखे. इस बार 4 करोड़ 52 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में अमृत स्नान किया, जो कई देशों की आबादी से भी अधिक है. अमृत स्नान को राजसी स्नान के नाम से जाना जाता है, जहां 13 अखाड़ों के नागा साधु हाथी, घोड़े और रथ पर सवार होकर भव्यता के साथ संगम में स्नान करते हैं.









