
'वे हमारे गांव के पंडित हैं, उन्हें छोड़ दें...' पेशाब कांड के पीड़ित आदिवासी ने आरोपी को किया माफ
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सीधी में पेशाब कांड के पीड़ित ने अपील की है कि आरोपी प्रवेश शुक्ला को छोड़ दिया जाए. पीड़ित ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने आर्थिक सहायता सब दे दिया है, लेकिन अब हमारी एक ही मांग है कि प्रवेश शुक्ला को छोड़ दिया जाए. जो गलती हो गई वो हो गई. प्रवेश को अपनी गलती का पछतावा है.
मध्य प्रदेश के सीधी में आदिवासी युवक के साथ हुई अमानवीय वारदात (पेशाब कांड) में एक नया मोड़ सामने आया है. आरोपी प्रवेश शुक्ला को लेकर जहां पूरे देश के लोगों में गुस्सा है, वहीं पीड़ित आदिवासी दशमत रावत ने आरोपी प्रवेश शुक्ला को छोड़ने की गुहार लगाई है. ये सुनकर हर कोई हैरान है. पीड़ित का कहना है कि वह हमारे गांव के पंडित हैं, इसलिए उन्हें छोड़ दिया जाए.
उल्लेखनीय है कि सीधी में आदिवासी युवक पर पेशाब करने पर राजनीति गर्मा गई थी. इस मामले के सामने आने के बाद लोगों में काफी आक्रोश देखा गया. वीडियो वायरल होने के बाद आरोपी के ऊपर कार्रवाई करते हुए उसके ऊपर एनएसए लगाया गया. इसके अलावा आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई भी की गई. उसे पुलिस घसीटते हुए थाने लेकर गई, लेकिन अब इस मामले के पीड़ित ने आरोपी को छोड़ने की गुहार लगाई है.
'गांव के पंडित हैं, इसलिए छोड़ दें' सीधी में पेशाब कांड के पीड़ित दशमत रावत ने आरोपी प्रवेश शुक्ला को छोड़ने की गुहार लगाई है. पीड़ित ने कहा, ‘इससे आगे हम नहीं चाहते हैं. हमारी मांग यही है जो गलती हो गई वो गई, अब उसे छोड़ दिया जाए. प्रवेश शुक्ला को अब छोड़ दिया जाए, जो गलती हो गई वो हो गई, उन्हें अपनी गलती का पछतावा है. उसको वो हमारे गांव के पंडित हैं, इसलिए हमारी मांग है कि उन्हें अब छोड़ दिया जाए. पीड़ित ने कहा कि मुख्यमंत्री ने आर्थिक सहायता सब दे दिया है, लेकिन अब हमारी एक ही मांग है कि प्रवेश शुक्ला को छोड़ दिया जाए.’
सीएम शिवराज ने मांगी माफी आपको बता दें कि दशमत रावत के साथ हुई अमानवीय वारदात पर सीएम शिवराज सिंह चौहान ने माफी मांगी थी. सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल स्थित सीएम हाउस में उनके पैर धोकर, उनका सम्मान किया था. दशमत रावत को आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई गई थी. वहीं, आरोपी प्रवेश शुक्ला पर भी कड़ी कार्रवाई की गई.

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