
वीडियो गेम खेलते हुए भी होने लगा रेप, क्यों ज्यादा मुश्किल है इसपर लगाम कसना?
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दुनिया में वर्चुअल गैंगरेप का पहला मामला ब्रिटेन से आया है. मेटावर्स पर एक 16 साल की लड़की इस यौन अपराध का शिकार बनी. मामले की जांच चल रही है. एक्सपर्ट दावा कर रहे हैं कि इंटरनेट के जरिए होने वाला यौन शोषण भी असल दुनिया जितनी ही तकलीफ देता है. पीड़ित इसमें भी उतना ही डर, दुख और गुस्सा महसूस करता है.
असल दुनिया में रेप के मामले लगातार बढ़ ही रहे हैं. इस बीच पता लगता है कि इंटरनेट की दुनिया में भी रेप और गैंगरेप हो रहे हैं. फिलहाल ब्रिटिश पुलिस ऐसे ही एक मामले पर खोजबीन कर रही है. मेटावर्स में एक वर्चुअल रियालिटी गेम में ब्रिटिश लड़की पर यौन हमला किया गया. वो डिजिटल वर्ल्ड में वीआर हेडसेट का इस्तेमाल कर ऑनलाइन अवतार के जरिए लोगों से कनेक्ट कर रही थी, जब 6 अवतारों ने उसे घेर लिया और कथित गैंगरेप किया.
कैसे होता है ऐसा
इंटरनेट की वर्चुअल दुनिया में हर कोई अपना अवतार बना सकता है. ये एक तरह से उस दुनिया में यूजर का शरीर होता है. ये एनिमेशन होता है लेकिन असल की तरह लगता है. इसके जरिए ही वर्चुअल वर्ल्ड में लोग एक-दूसरे को पहचानते और दोस्ती-दुश्मनी करते हैं. इसमें सिर्फ फिजिकल नुकसान नहीं पहुंच सकता, लेकिन बाकी भावनाएं असली ही रहती हैं. अवतार बनाने के बाद यूजर वीआर हेडसेट पहनता है और दूसरी दुनिया का हिस्सा बन सकता है.
कैसे हो सकता है वर्चुअल रेप इंटरनेट की दुनिया में यौन दुर्व्यवहार, गलत भाषा का इस्तेमाल तो होता आया है, लेकिन रेप जैसा गंभीर क्राइम हाल में ही सुनाई देने लगा. इसकी कोई सीधी परिभाषा नहीं, लेकिन वीआर हेडसेट लगाए होने के दौरान आभासी दुनिया से कोई शख्स आकर अगर यूजर को जबरन छुए तो ये यौन शोषण की श्रेणी में आता है. इसी तरह गैंगरेप भी है. इससे पीड़ित को शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचता, लेकिन बाकी अहसास वही होते हैं. यहां तक कि पीड़ित लंबे समय तक ट्रॉमा में रह सकता है.
रेप गेम तक आ चुका है

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