
'विश्व शांति के लिए काम कर रहे हैं पीएम मोदी,' बोले यूक्रेन के प्रधानमंत्री
AajTak
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध खत्म नहीं हुआ है. इस बीच यूक्रेन गहरे आर्थिक संकट से गुजर रहा है. यूक्रेन से भारत से आर्थिक बहाली के लिए मेडिकल छात्रों को वापस भेजने की अपील की है. यूक्रेन के प्रधानमंत्री डेनिस शमीहाल ने गणतंत्र दिवस पर भारत के लोगों को बधाई भी दी है. बता दें कि 24 फरवरी 2022 को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का ऐलान किया था.
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध चल रहा है. यूक्रेन के प्रधानमंत्री डेनिस शमीहाल ने आजतक से बातचीत में युद्ध की स्थिति के बारे में जानकारी दी है. इसके साथ ही भारत को 75वें गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी हैं. डेनिस ने यूक्रेन की मदद और मानवीय समर्थन देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ भी की. डेनिस का कहना था कि वो भारत से पहले की तरह छात्रों को वापस यूक्रेन भेजने का भी आग्रह करना चाहते हैं.
प्रधानमंत्री डेनिस शमीहाल ने कहा कि जिस तेजी से भारत आगे बढ़ रहा है, उसकी हम सराहना करना चाहेंगे. उन्होंने लोकतंत्र और विविधता में एकता के मूल्यों की भी प्रशंसा की और कहा कि यही भारत को असली तौर पर परिभाषित करते हैं. भारत सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है. बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देशों में शामिल है.
'विश्व शांति के लिए काम कर रहे हैं पीएम मोदी'
डेनिस ने यूक्रेन को मदद और मानवीय समर्थन देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की. डेनिस का कहना था कि पीएम मोदी को आज एक ऐसे व्यक्ति के रूप में देखा जा रहा है, जो विश्व शांति के लिए काम कर रहे हैं. पीएम मोदी जी-20 देशों के बड़े नेता के तौर पर भी जाने जाते हैं.
'ज्यादा से ज्यादा मदद की जरूरत है'
यूक्रेन इस समय मुश्किल भरे दौर से गुजर रहा है. रूस से युद्ध चल रहा है. रूस न्यूक्लियर को लेकर ब्लैकमेल कर रहा है. डेनिस का कहना था कि हमें अपने सहयोगी देशों से लगातार मदद मिल रही है. फिर चाहे बात वो हथियार की हो या मानवीय सहायता की. लेकिन दुर्भाग्य से जरूरत इतनी ज्यादा है कि यह सब कम महसूस हो रही है. ऐसे में वो ज्यादा से ज्यादा सहायता और समर्थन की अपील कर रहे हैं.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











