
वियतनाम के राष्ट्रपति गुयेन जुआन फुक ने दिया इस्तीफा, बर्खास्त करने की लगाई जा रहीं थीं अटकलें
AajTak
वियतनाम के राष्ट्रपति गुयेन जुआन फुक ने इस्तीफा दे दिया है. हाल ही के दिनों में अटकलें भी लगाई जा रही थीं कि उन्हें बर्खास्त किया जा सकता है. राष्ट्रपति के रूप में अपनी भूमिका संभालने से पहले, गुयेन जुआन फुक 2016 से 2021 के बीच देश के प्रधानमंत्री भी रहे थे.
वियतनाम के राष्ट्रपति गुयेन जुआन फुक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. यह फैसला उन्होंने ऐसे समय में लिया है जब अटकलें लगाई जा रही थीं कि उन्हें बर्खास्त किया जा सकता है.
हाल के सप्ताहों में व्यापक अटकलें लगाई गई थीं कि फुक जनवरी में दो उप प्रधानमंत्रियों की बर्खास्तगी के बाद पद छोड़ देंगे, जिन्होंने उनके अधीन काम किया था. यह उनकी पार्टी की आंतरिक वजह बताई जा रही है.
पीएम के रूप में भी संभाल चुके हैं देश की कमान
राष्ट्रपति के रूप में अपनी भूमिका संभालने से पहले, गुयेन जुआन फुक 2016 से 2021 के बीच देश के प्रधानमंत्री भी रहे थे. 2016-2021 के कार्यकाल के दौरान उन्होंने COVID-19 महामारी की रोकथाम और नियंत्रण को रोकने के लिए काम किए थे.
68 वर्षीय फुक ने दो साल से भी कम समय के लिए राष्ट्रपति का अहम पद संभाला. हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उनकी जगह कौन लेगा.
फुक ने लिया संन्यास

लेकिन अब ये कहानी उल्टी घूमने लगी है और हो ये रहा है कि अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अमेरिका से जो US BONDS खरीदे थे, उन्हें इन देशों ने बेचना शुरू कर दिया है और इन्हें बेचकर भारत और चाइना को जो पैसा मिल रहा है, उससे वो सोना खरीद रहे हैं और क्योंकि दुनिया के अलग अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जा रहा है इसलिए सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हो रही हैं.

इस वीडियो में जानिए कि दुनिया में अमेरिकी डॉलर को लेकर कौन सा नया आर्थिक परिवर्तन होने वाला है और इसका आपके सोने-चांदी के निवेश पर क्या प्रभाव पड़ेगा. डॉलर की स्थिति में बदलाव ने वैश्विक बाजारों को हमेशा प्रभावित किया है और इससे निवेशकों की आर्थिक समझ पर भी असर पड़ता है. इस खास रिपोर्ट में आपको विस्तार से बताया गया है कि इस नए भूचाल के कारण सोने और चांदी के दामों में क्या संभावित बदलाव आ सकते हैं तथा इससे आपके निवेश को कैसे लाभ या हानि हो सकती है.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिटेन के पीएम की मेजबानी करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून तभी सच में असरदार हो सकता है जब सभी देश इसका पालन करें. राष्ट्रपति शी ने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि अगर बड़े देश ऐसा करेंगे नहीं तो दुनिया में जंगल का कानून चलेगा. विश्व व्यवस्था जंगल राज में चली जाएगी.

ईरान की धमकियों के जवाब में अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपने कई सहयोगियों के साथ सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया है. यह युद्धाभ्यास US एयर फोर्सेज सेंट्रल (AFCENT) द्वारा आयोजित किया गया है, जो कई दिनों तक चलेगा. इस युद्धाभ्यास की घोषणा 27 जनवरी को हुई थी और यह अभी भी जारी है. माना जा रहा है कि यह अभ्यास अगले दो से तीन दिनों तक चलेगा. इस प्रयास का मकसद क्षेत्र में तनाव के बीच सैन्य तैयारियों को बढ़ाना और सहयोगियों के साथ सामरिक तालमेल को मजबूत करना है.

कोलंबिया और वेनेज़ुएला की सीमा के पास एक जेट विमान अचानक लापता हो गया. यह विमान फ्लाइट नंबर NSE 8849 थी जो कुकुटा से ओकाना की ओर जा रही थी. इस विमान ने सुबह 11 बजकर 42 मिनट पर उड़ान भरी थी लेकिन लैंडिंग से पहले ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया. राडार से इस विमान का अचानक गायब होना चिंता का विषय है.

वेनेजुएला में मिली बड़ी कामयाबी के बाद अब डॉनल्ड ट्रंप का आत्मविश्वास आसमान छू रहा है। कूटनीति के गलियारों में चर्चा है कि ट्रंप के मुंह 'खून लग गया है' और अब उनकी नज़रें क्यूबा और ईरान पर टिक गई हैं... और अब वो कह रहे हैं- ये दिल मांगे मोर...। ट्रंप की रणनीति अब सिर्फ दबाव तक सीमित नहीं है, बल्कि वे सीधे सत्ता परिवर्तन के खेल में उतर चुके हैं। क्या क्यूबा और ईरान ट्रंप की इस 'मोमेंटम' वाली कूटनीति का मुकाबला कर पाएंगे?







