
विपक्षी सांसदों ने JPC बैठक से किया वॉकआउट, पंजाब और हरियाणा ने समिति के सामने रखा अपना पक्ष
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सूत्रों ने बताया कि पंजाब और हरियाणा वक्फ बोर्ड ने जेपीसी के सामने अपनी बातें रखी हैं. साथ ही उत्तराखंड वक्फ बोर्ड ने भी जेपीसी के सामने अपना पक्ष रखा है. वहीं, दिल्ली मुख्यमंत्री आतिशी ने जेपीसी के चेयरमैन को पत्र लिख कर कहा हैं कि दिल्ली वक्फ बोर्ड ने सरकार के साथ चर्चा नहीं की है, इसलिए दिल्ली वक्फ बोर्ड की प्रतिनिधि को जेपीसी को नहीं सुनना चाहिए.
दिल्ली वक्फ बोर्ड की प्रस्तुति के विरोध में विपक्षी सांसदों ने वक्फ संशोधन विधेयक पर जेपीसी की बैठक से वॉकआउट किया. इसके बाद समिति में सांसदों की उपस्थिति के रजिस्टर से अपनी उपस्थिति के साइन करने के बाद उन्हें डिलीट कर दिया. ये बैठक जेपीसी के चेयरमैन जगदंबिका पाल की अध्यक्षता में हुई.
सूत्रों ने बताया कि पंजाब और हरियाणा वक्फ बोर्ड ने जेपीसी के सामने अपनी बातें रखी हैं. साथ ही उत्तराखंड वक्फ बोर्ड ने भी जेपीसी के सामने अपना पक्ष रख रहा है.
आतिशी ने JPC चेयरमैन को लिखा पत्र
सूत्रों ने बताया कि दिल्ली वक्फ बोर्ड को लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने जेपीसी के चेयरमैन जगदंबिका पाल को पत्र लिख कर कहा हैं कि दिल्ली वक्फ बोर्ड ने सरकार के साथ चर्चा नहीं की है, इसलिए दिल्ली वक्फ बोर्ड की प्रतिनिधि को जेपीसी को नहीं सुनना चाहिए. आतिशी के पत्र के बाद ही जेपीसी की बैठक से विपक्ष के सांसदों ने वॉकआउट किया था.
वहीं, असदुद्दीन औवेसी ने जेपीसी के चेयरमैन को सलाह दी थी कि दिल्ली वक्फ बोर्ड के प्रतिनिधियों को सुना जाए या नहीं इस पर लोकसभा के सेक्रेटरी जनरल से कानूनी सलाह लेनी चाहिए. जेपीसी के चेयरमैन लोकसभा के सेक्रेटरी जनरल की सलाह के बाद फैसला लेंगे कि दिल्ली वक्फ बोर्ड को सुना जाए या नहीं.
22 अक्टूबर को हुई थी JPC की बैठक

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