
विदेशी धरती पर बिहार और झारखंड जैसा अहसास... अमेरिका में कुछ इस अंदाज में की गई छठ पूजा
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न्यूजर्सी में बसे बिहार और झारखंड के लोगों उत्साह के साथ छठ मना रहे हैं. इस साल संध्या अर्घ्य के लिए 1000 से ज्यादा श्रद्धालु इकट्ठा हुए. यहां केले के तनों और रोशनी से सजे घाट ने बिहार के पारंपरिक घाटों की भावना को जीवंत कर दिया.
भारत ही नहीं दुनिया के कई देशों में बड़ी धूमधाम के साथ छठ का त्योहार मनाया जा रहा है. अमेरिका के न्यूजर्सी में भारतीय समुदाय से जुड़े लोगों ने भव्य छठ पूजा का आयोजन किया.
न्यूजर्सी में बसे बिहार और झारखंड के लोगों उत्साह के साथ छठ मना रहे हैं. इस साल संध्या अर्घ्य के लिए 1000 से ज्यादा श्रद्धालु इकट्ठा हुए. यहां केले के तनों और रोशनी से सजे घाट ने बिहार के पारंपरिक घाटों की भावना को जीवंत कर दिया.
बिहार झारखंड एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका (BJANA) ने न्यूजर्सी के एडिसन में इस छठ पूजा का आयोजन किया था. इस वर्ष के आयोजन में 25 व्रतियों ने हिस्सा लिया. इस दौरान भारतीय मूल के लोगों ने घर पर ही बड़े पैमाने पर प्रसाद तैयार किया और बाद में सभी ने मिलकर खरना प्रसाद का वितरण किया. मोनरो में पारंपरिक पारिक्रमा करते हुए जमीन पर लेटकर जलाशय तक पहुंचकर अर्घ्य दिया गया.
इस दौरान 72 घंटे का कठिन उपवास रखने वाले व्रतियों का आभार जताया. इस वर्ष के गर्म मौसम ने इस अनुभव को और भी सुखद बना दिया, जिससे झील में अर्घ्य देना एक यादगार अनुभव बन गया.
न्यूजर्सी में कई सालों से छठ मना रही स्मृति का कहना है कि वे इस दिन का बेसब्री से इंतजार करते हैं, जो उनके लिए श्रद्धा और खुशी से भरा होता है. इस बार भारत से कई परिवार अपने रिश्तेदारों के साथ यहां विशेष रूप से छठ मनाने के लिए आए हैं, जिससे आयोजन और अधिक भावनात्मक हो गया है.
BJANA के अध्यक्ष संजीव सिंह कहते हैं कि ये उनका सपना था कि पटना, वैशाली और बोकारो जैसे माहौल को अमेरिका में जीवंत किया जाए, जो इस आयोजन में पूरा हुआ. अमेरिका में भारतीय समुदाय को एकजुट करने और सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखने के महत्व पर जोर दिया गया है.

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