
वाह ये तो गजब है... गणित में 200 में से 212 नंबर और गुजराती में 211, बच्ची की मार्कशीट वायरल
AajTak
गुजरात के एक स्कूल में पढ़ने वाली बच्ची की मार्कशीट वायरल हो रही है क्योंकि गणित विषय की परीक्षा में बच्ची को 200 में 212 और गुजराती विषय की परीक्षा में 200 में 211 नंबर मिले हैं. हालांकि गलती सामने के बाद स्कूल की ओर से मार्कशीट में करेक्शन किया गया है.
गुजरात के दाहोद जिले में एक प्राइमरी स्कूल की छात्रा को जब रिजल्ट कार्ड मिला तो वो हैरान रह गई. चौथी कक्षा की छात्रा को दो विषयों में अधिकतम से ज्यादा नंबर दिए गए थे. स्कूल की इस गलती ने शिक्षा प्रणाली को लेकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है.
चौथी कक्षा की छात्रा वंशीबेन मनीषभाई को स्कूल की ओर से जब मार्कशीट मिली तो दो विषयों के नंबर देखकर वो हैरान रह गई क्योंकि उसने इन विषयों में अधिकतम से भी ज्यादा नंबर हासिल किए थे. वंशीबेन ने गुजराती विषय में 200 में 211 और गणित विषय में 200 में 212 नंबर हासिल किए थे. स्कूल की बच्ची का ये रिजल्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
स्कूल ने बाद में जारी की दूसरी मार्कशीट
बाद में पता चला कि रिजल्ट तैयार करने के दौरान एक गलती हुई थी. इसके बाद एक संशोधित रिजल्ट जारी किया गया, जिसमें गुजराती में 200 में से 191 और गणित में 200 में से 190 नंबर दिए गए. हालांकि अन्य विषयों को नहीं बदला गया. नए रिजल्ट में वंशीबेन को 1000 में से 934 नंबर मिले हैं.
बच्ची ने परिवार को दिखाया तो सामने आई गलती
स्कूल की गलती उस समय सामने आई जब छात्रा ने परिवार को स्कोरकार्ड दिखाया. जब घरवालों ने उस मार्कशीट को ध्यान से देखा तो गलतियों का पता चला. इस गलती के जवाब में जिला शिक्षा अधिकारियों ने त्रुटि का कारण निर्धारित करने और भविष्य में इसी तरह की घटनाओं को रोकने के लिए एक जांच शुरू की है.

महाराष्ट्र के नासिक में खुद को धर्मगुरु बताने वाले अशोक कुमार खरात पर दुष्कर्म, शोषण, जबरन गर्भपात, ठगी और जमीन विवाद में हत्या जैसे गंभीर आरोप लगे हैं. मामला एक गर्भवती महिला की शिकायत से सामने आया, जिसके बाद स्पाई कैमरे से 100 से ज्यादा वीडियो मिले. कई महिलाओं ने सालों तक शोषण का आरोप लगाया है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है, जिसमें और बड़े खुलासों की आशंका है.

वेस्ट एशिया में छिड़ी जंग के बाद पैदा हुए हालातों पर प्रधानमंत्री लोकसभा को संबोधित कर रहे हैं. इस बीच उन्होंने कहा कि अब इस संकट को 3 सप्ताह से ज्यादा हो रहा है. इसका पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर, लोगों के जीवन पर बहुत ही विपरित असर हो रहा है. इसलिए पूरी दुनिया इस संकट के जल्द से जल्द समाधान के लिए सभी पक्षों से आग्रह भी कर रही है.











