
लो बेस के कारण Q1 में दमदार GDP ग्रोथ, टूट गया 30 साल का रिकॉर्ड!
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कोरोना संकट के बीच केंद्र सरकार के लिए पहली बार जीडीपी के मोर्चे पर अच्छी खबर आई है. वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ के आंकड़ों ने पिछले तीन दशक के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है. GDP किसी भी देश की आर्थिक सेहत को मापने का सबसे सटीक पैमाना है.
कोरोना संकट के बीच केंद्र सरकार के लिए पहली बार जीडीपी के मोर्चे पर अच्छी खबर आई है. वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ के आंकड़ों ने पिछले तीन दशक के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है. GDP किसी भी देश की आर्थिक सेहत को मापने का सबसे सटीक पैमाना है. दरअसल, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में रिकॉर्ड GDP ग्रोथ रेट रिकॉर्ड 20.1 फीसदी रही है. जो कि 1990 से लेकर अब तक की यह किसी एक तिमाही में आई सबसे बड़ी ग्रोथ है. इससे पहले के आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं. जीडीपी में तेज रिकवरी से इकोनॉमी की गाड़ी पटरी पर लौटने के संकेत मिल रहे हैं. FY22 की पहली तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की रफ्तार 20.1 फीसदी रही है, इस ग्रोथ की वजह लो बेस इफेक्ट है. क्योंकि पिछले साल कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन की वजह से पूरे देश में आर्थिक गतिविधियां ठप थीं. जिससे पिछले साल की पहली तिमाही में निगेटिव 23.9 फीसदी ग्रोथ रेट थी.More Related News

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