
लोगों में कुंभ की भावना को लेकर कितना बदलाव आया है? क्या कहते हैं विशेषज्ञ
AajTak
प्रयागराज का महाकुंभ 2025 आस्था सैलाब है. लेकिन इसमें से कईं लोग वायरल होने की मनोकामना से यहां पहुंचे हैं. ऐसे लोग ये चाहते हैं कि उन्हें सिद्ध महात्मा मिले या न मिले दर्शन हो न हो लेकिन उल्हे पब्लिसिटी मिल जाए और उनके लाइक शेयर बढ़ जाए. देखें वीडियो.
More Related News

आज पूरी दुनिया LNG पर निर्भर है. खासकर भारत जैसे देश, जहां घरेलू गैस प्रोडक्शन कम है, वहां LNG आयात बेहद जरूरी है. लेकिन जैसे ही युद्ध या हमला होता है, सप्लाई चेन टूट जाती है और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं. कतर जैसे देशों से निकलकर हजारों किलोमीटर दूर पहुंचने तक यह गैस कई तकनीकी प्रोसेस और जोखिम भरे रास्तों से गुजरती है.












