
लॉरेंस और अनमोल बिश्नोई ही नहीं, गैंगस्टर्स के इस क्राइम सिंडिकेट में ये 9 खूंखार चेहरे भी शामिल
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लॉरेंस बिश्नोई और अनमोल बिश्नोई के क्राइम सिंडिकेट में कई कुख्यात अपराधी शामिल हैं. जिनमें गोल्डी बरार, रोहित गोदारा, काला जठेड़ी, सचिन बिश्नोई, रितिक बॉक्सर, दीपक बॉक्सर के नाम प्रमुख हैं. इसी तरह उसके विरोधियों में अर्श डाल्ला, हरविंदर रिंडा, लखबीर लांडा जैसे नाम जाने जाते हैं. पढ़ें पूरी कहानी.
Indian Crime Syndicate & Gangster Rivalries: पंजाब और हरियाणा की जमीन पर जन्मा लॉरेंस बिश्नोई का क्राइम सिंडिकेट आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैल चुका है. यह गैंग एक्सटॉर्शन, मर्डर और ड्रग तस्करी जैसे अपराधों के लिए कुख्यात है. लॉरेंस जेल में होने के बावजूद अपने भाई अनमोल और अन्य सदस्यों के जरिए कमान संभालता है. हाल के वर्षों में सिद्धू मूसे वाला हत्याकांड और सलमान खान पर हमले ने इसे सुर्खियों में ला दिया. सिंडिकेट में पंजाब, दिल्ली, कनाडा और अमेरिका तक पहुंच है. लेकिन आंतरिक कलह ने इसे कमजोर कर दिया है. पुलिस और NIA जैसी एजेंसियां लगातार उस पर नजर रख रही हैं. यह नेटवर्क युवाओं को लुभाकर अपराध की दुनिया में खींच लेता है.
लॉरेंस बिश्नोई: गैंग का सरगना लॉरेंस बिश्नोई का जन्म 12 फरवरी 1990 को हुआ था. उसका नाम असली नाम बालकरन बराड़ उर्फ बल्लू है. उसके पिता पंजाब पुलिस में सिपाही के पद पर तैनात थे और यहां रोचक बात ये है कि ना सिर्फ लॉरेंस बिश्नोई के पिता पुलिस में तैनात थे बल्कि आज उसे जिस गैंगस्टर से सबसे ज्यादा कंपेयर किया जाता है यानी दाऊद इब्राहीम के पिता भी पुलिस में ही थे. लॉरेंस बिश्नोई फिलहाल गुजरात की साबरमती जेल में बंद है. इसी जेल में बंद रहते हुए उसका नाम मुंबई के एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या में आया था और लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने बकायदा सोशल मीडिया पर क्लेम भी किया था और हत्याकांड की जिम्मेदारी भी ली थी.
जानकारी के मुताबिक, साल 2007 में उसने लॉ की पढ़ाई करने के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया था, 2008 में पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव में लॉरेंस का दोस्त रॉबिन चुनाव लड़ रहा था. तब रॉबिन के सामने एक और उम्मीदवार खड़ा हुआ, जिसे धमकाने के लिए लॉरेंस ने अपने दोस्त की लाइसेंसी पिस्टल से उस पर फायरिंग की थी. यह पहली बार था जब लॉरेंस बिश्नोई पर 307 का केस दर्ज हुआ था, उसके बाद वो जेल भी गया था. ब्रिटिश अधिकारी लॉरेंस के नाम से प्रभाविक होकर उसका नाम लॉरेंस रखा गया था. वह जेल में रहते हुए भी गैंग को एकजुट रखने की कोशिश करता है. लेकिन हालिया स्प्लिट ने उसके साम्राज्य को हिला दिया है.
अनमोल बिश्नोई: पार्टनर इन क्राइम अनमोल बिश्नोई लॉरेंस का छोटा भाई है, जो गैंग के ऑपरेशन्स का चेहरा है. हाल ही में अमेरिका से डिपोर्ट होकर आए अनमोल को NIA ने गिरफ्तार किया है. वह सलमान के घर पर फायरिंग और सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड समेत कई एक्सटॉर्शन केस में नामजद है. अनमोल कनाडा और अमेरिका में गैंग की एक्टिविटीज संभालता था. उसके भाई के जेल जाने के बाद वह मुख्य कमांडर बना. लेकिन कानूनी मुश्किलों ने उसे फंसा दिया. अनमोल का रोल गैंग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में अहम रहा. अनमोल बिश्नोई को ‘छोटा डॉन’ भी कहा जाता है.
गोल्डी बराड़: कनाडा का खूंखार शूटर गैंगस्टर गोल्डी का असली नाम सतिंदरजीत सिंह है. उसका जन्म साल 1994 में पंजाब के मुकतसर जिले में हुआ था. कनाडा में रहते हुए वह लॉरेंस गैंग का प्रमुख सदस्य था. सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड की जिम्मेदारी लॉरेंस गैंग की तरफ से उसी ने ली थी. एपी ढिल्लन के घर पर फायरिंग भी उसके नाम से हुई थी. लेकिन जून 2025 में अचानक उसका लॉरेंस से ब्रेकअप हो गया. गोल्डी एक्सटॉर्शन और ड्रग ट्रैफिकिंग में माहिर माना जाता है. कनाडा में उसके गैंग को टेररिस्ट ग्रुप घोषित करने की मांग जोर पकड़ती जा रही है.
रोहित गोदारा: साथी से टूटा रिश्ता कभी रोहित गोदारा भी लॉरेंस बिश्नोई का करीबी सहयोगी था. वह अमेरिका में सक्रिय है. सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड और सलमान खान के घर पर फायरिंग किए जाने में उसका भी नाम आया. अक्टूबर 2025 में उसने लॉरेंस के मददगार हरी बॉक्सर पर हमले की जिम्मेदारी ली. अनमोल केस को हैंडल न करने पर लॉरेंस ने उसे धोखेबाज कहा था. इसलिए रोहित गोदारा अब दुबई गैंग वॉर में शामिल हो गया. वह युवाओं को गैंग में भर्ती करता है. जेल से बाहर रहकर वह गैंग को फंडिंग करता था.

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