
लेबनान: रोजा खोलने के लिए नहीं मिल रहा मिठाई-खाना, प्याज खाकर तोड़ते हैं उपवास
AajTak
सीरिया के शरणार्थी विस्थापित के रूप में लेबनान के आर्थिक संकट के बीच फंसे हुए हैं. रोजा रखने के बाद जहां शाम को उत्सव के तौर इफ्तार की जाती है और रोजा खोला जाता है वहां इसके लिए भी लेबनान में ऐसे लोगों को संघर्ष करना पड़ रहा है.
रमजान का पाक महीना शुरू हो चुका है और दुनिया भर के मुस्लिम लोग इन दिनों रोजा रखते हैं और शाम को इफ्तार करते हैं, लेकिन इस पवित्र महीने में भी लेबनाना में शरण लेने वाले सीरिया के लोगों के लिए रोजा रखना भी कठिन साबित हो रहा है. ( सभी तस्वीर - AP) लेबनान में आर्थिक बदहाली के बीच हालात इतने बदतर हैं कि लोगों को इफ्तार के लिए भोजन और मिठाई तक नहीं मिला पा रहा है. सीरिया के शरणार्थी विस्थापित के रूप में लेबनान के आर्थिक संकट के बीच फंसे हुए हैं. रोजा रखने के बाद जहां शाम को उत्सव के तौर इफ्तार की जाती है और रोजा खोला जाता है वहां इसके लिए भी लेबनान में ऐसे लोगों को संघर्ष करना पड़ रहा है. न्यूज एजेंसी एपी को ऐसे ही एक ऐसी ही लाचार महिला अल आबेद ने कहा, यह एक बहुत मुश्किल रमजान है, जहां इस दौरान बेहतर भोजन मिलना चाहिए वहीं उसके बाद हमें कुछ नहीं मिलता. पूरे दिन के उपवास के बाद शरीर को अधिक पोषण की आवश्यकता होती है. मैंने हार मान ली है”More Related News

NCERT ने 3 से 8 साल तक के बच्चों के लिए ई-मैजिक बॉक्स ऐप लॉन्च किया है. इस प्लेटफॉर्म पर बच्चे मोबाइल या कंप्यूटर से पढ़ सकते हैं और नई-नई चीजें सीख सकते हैं. इसमें एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्मार्ट बॉट है, जो बच्चों की पढ़ाई में मदद करता है और उनके सवालों का आसान जवाब देता है. इसके साथ ही इसमें खेल-खेल में सीखने वाली गतिविधियां भी शामिल हैं.












