
लेबनान के उस राहत शिविर से ग्राउंड रिपोर्ट जहां सैकड़ों की संख्या में पहुंचे हैं बेसहारा लोग
AajTak
त्रिपोली लेबनान का दूसरा सबसे बड़ा शहर है. यहां उत्तरी और दक्षिणी लेबनान से लोग आ रहे हैं. कई राहत शिविर बनाए गए हैं. इन शिविरों में बच्चों की संख्या देखी जा सकती है.
एक ओर इजरायल ने लेबनान पर हमला बोला है तो दूसरी ओर ईरान ने भी इजरायल पर कई मिसाइलें दागी हैं. लेकिन लेबनान पर इजरायल का हमला नहीं रुक रहा है. बुधवार तड़के भी इजरायल ने लेबनान में कई ठिकानों पर हमला किया. इस तनाव के चलते लेबनान में हजारों की संख्या में लोग बेसहारा हुए हैं. आजतक के संवाददाता अशरफ वानी उस राहत शिविर पहुंचे जहां हमलों से प्रभावित लोग भारी संख्या में पहुंचे हैं...
राहत शिविर में बच्चों की भारी संख्या...
इजरायल के हमलों के बाद लेबनान में बड़े पैमाने पर लोग विस्थापित हुए हैं. ज्यादातर लोग त्रिपोली पहुंचे हैं. त्रिपोली लेबनान का दूसरा सबसे बड़ा शहर है. यहां उत्तरी और दक्षिणी लेबनान से लोग आ रहे हैं. कई राहत शिविर बनाए गए हैं. इन शिविरों में बच्चों की संख्या देखी जा सकती है. ये बच्चे शायद इस बात से अनजान हैं कि वो यहां क्यों हैं. लेकिन उनके चेहरे पर हंसी के पीछे एक उदासी देखी जा सकती है.
राहत शिविरों में क्या हैं इंतजाम
अशरफ वानी ने शिविर की एक महिला अधिकारी से भी बातचीत की. उन्होंने बताया, 'हमने यहां 2000 लोगों के लिए व्यवस्था की है, हमारे विस्थापित परिवारों में बहुत सारे बच्चे हैं, हम उनके भोजन और शिक्षा का ख्याल रखते हैं.' उन्होंने बताया कि सैकड़ों की संख्या में लोग अलग-अलग इलाकों से भागकर यहां आ रहे हैं. जितना हो पा रहा है, उनका ख्याल रखा जा रहा है.
यह भी पढ़ें: ईरान के मिसाइल अटैक से इजरायल में कहां और कितना हुआ नुकसान, पढ़े- ग्राउंड रिपोर्ट

इस वीडियो में जानिए कि दुनिया में अमेरिकी डॉलर को लेकर कौन सा नया आर्थिक परिवर्तन होने वाला है और इसका आपके सोने-चांदी के निवेश पर क्या प्रभाव पड़ेगा. डॉलर की स्थिति में बदलाव ने वैश्विक बाजारों को हमेशा प्रभावित किया है और इससे निवेशकों की आर्थिक समझ पर भी असर पड़ता है. इस खास रिपोर्ट में आपको विस्तार से बताया गया है कि इस नए भूचाल के कारण सोने और चांदी के दामों में क्या संभावित बदलाव आ सकते हैं तथा इससे आपके निवेश को कैसे लाभ या हानि हो सकती है.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिटेन के पीएम की मेजबानी करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून तभी सच में असरदार हो सकता है जब सभी देश इसका पालन करें. राष्ट्रपति शी ने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि अगर बड़े देश ऐसा करेंगे नहीं तो दुनिया में जंगल का कानून चलेगा. विश्व व्यवस्था जंगल राज में चली जाएगी.

ईरान की धमकियों के जवाब में अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपने कई सहयोगियों के साथ सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया है. यह युद्धाभ्यास US एयर फोर्सेज सेंट्रल (AFCENT) द्वारा आयोजित किया गया है, जो कई दिनों तक चलेगा. इस युद्धाभ्यास की घोषणा 27 जनवरी को हुई थी और यह अभी भी जारी है. माना जा रहा है कि यह अभ्यास अगले दो से तीन दिनों तक चलेगा. इस प्रयास का मकसद क्षेत्र में तनाव के बीच सैन्य तैयारियों को बढ़ाना और सहयोगियों के साथ सामरिक तालमेल को मजबूत करना है.

कोलंबिया और वेनेज़ुएला की सीमा के पास एक जेट विमान अचानक लापता हो गया. यह विमान फ्लाइट नंबर NSE 8849 थी जो कुकुटा से ओकाना की ओर जा रही थी. इस विमान ने सुबह 11 बजकर 42 मिनट पर उड़ान भरी थी लेकिन लैंडिंग से पहले ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया. राडार से इस विमान का अचानक गायब होना चिंता का विषय है.

वेनेजुएला में मिली बड़ी कामयाबी के बाद अब डॉनल्ड ट्रंप का आत्मविश्वास आसमान छू रहा है। कूटनीति के गलियारों में चर्चा है कि ट्रंप के मुंह 'खून लग गया है' और अब उनकी नज़रें क्यूबा और ईरान पर टिक गई हैं... और अब वो कह रहे हैं- ये दिल मांगे मोर...। ट्रंप की रणनीति अब सिर्फ दबाव तक सीमित नहीं है, बल्कि वे सीधे सत्ता परिवर्तन के खेल में उतर चुके हैं। क्या क्यूबा और ईरान ट्रंप की इस 'मोमेंटम' वाली कूटनीति का मुकाबला कर पाएंगे?








