
लावे से भरा Alien ग्रह बना रहा है अपना वायुमंडल, जैसे बनी थी धरती
AajTak
हबल टेलिस्कोप ने एक ऐसे एलियन ग्रह की खोज की है जो लावे से भरा हुआ है. इस समय वह अपने चारों तरफ खुद का वायुमंडल बना रहा है. जैसा कि करोड़ों साल पहले पृथ्वी के साथ हुआ था. वैज्ञानिकों को लगता है कि उन्होंने एक एलियन वाली दुनिया की जासूसी की है जिसने पहले अपना वायुमंडल खो दिया था. बाद में उसे खुद ही बनाने में जुट गया है.
हबल टेलिस्कोप ने एक ऐसे एलियन ग्रह की खोज की है जो लावे से भरा हुआ है. इस समय वह अपने चारों तरफ खुद का वायुमंडल बना रहा है. जैसा कि करोड़ों साल पहले पृथ्वी के साथ हुआ था. वैज्ञानिकों को लगता है कि उन्होंने एक एलियन वाली दुनिया की जासूसी की है जिसने पहले अपना वायुमंडल खो दिया था. बाद में उसे खुद ही बनाने में जुट गया है. (फोटोः गेटी) हबल स्पेस टेलीस्कोप (Hubble Space Telescope) के अनुसार GJ1132B नामक ग्रह को सबसे पहले 2017 में देखा गया. यह पृथ्वी से 41 प्रकाश वर्ष दूर स्थित एक छोटे तारे की परिक्रमा करता है. इसका चक्कर पृथ्वी के 1.5 दिनों के बराबर है. अपने तारे का चक्कर लगाते समय यह अंतरिक्ष में मौजूद कई तरह के रेडिएशन का अवशोषण करता है. इसकी वजह से वैज्ञानिकों को लगता है कि वो वायुमंडल बनने के संकेत देख रहे हैं, जो कि ग्रह बनने के एक लंबे समय बाद हुआ है. (फोटोः गेटी) कैलिफोर्निया में नासा के जेट प्रोपल्शन लैबोरेटरी के एक्सोप्लेनेट वैज्ञानिक रईसा एस्ट्रेला का कहना है कि यह बहुत ज्यादा उत्साहित करने वाला था, क्योंकि हमारा मानना है कि अब जो वायुमंडल हमने देखा वो री-जेनरेट हो रहा है. इसलिए ये इस ग्रह का दूसरा वायुमंडल हो सकता है. एस्ट्रेला ने कहा कि हमने पहले सोचा था कि ये उच्च अविकिरण (High Irradiated) वाला ग्रह काफी बोरिंग होगा, क्योंकि ये अपना वायुमंडल खो चुका था. जब हमने हबल टेलीस्कोप से इसके वर्तमान नजारे को देखा तो हैरान रह गए. (फोटोः गेटी)
Shani Nakshatra Gochar 2026: शनि जब रेवती नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो इसका प्रभाव धीरे-धीरे लेकिन गहराई से देखने को मिलता है. रेवती नक्षत्र मीन राशि का अंतिम नक्षत्र माना जाता है और इसका स्वामी बुध ग्रह है. इसलिए इस अवधि में सोच-समझ, योजना, संवाद और निर्णय क्षमता से जुड़े मामलों में खास बदलाव दिखाई दे सकते हैं.

Aaj 20 February 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 20 फरवरी 2026, दिन- शुक्रवार, फाल्गुन मास, शुक्ल पक्ष, तृतीया तिथि 14.38 बजे तक फिर चतुर्थी तिथि, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र 20.07 बजे तक रेवती नक्षत्र, चंद्रमा- मीन में, सूर्य- कुंभ में, अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12.12 बजे से दोपहर 12.58 बजे तक, राहुकाल- सुबह 11.10 बजे से दोपहर 12.35 बजे तक, दिशा शूल- पश्चिम.











