
'लातों के भूत बातों से नहीं मानते', सीएम योगी बोले- गजवा-ए-हिंद का सपना देखने वालों का अंत छांगुर जैसा होगा
AajTak
सीएम योगी आदित्यनाथ ने बलरामपुर में कहा कि जो लोग त्योहारों से पहले उपद्रव करेंगे, उन्हें ऐसा सबक सिखाया जाएगा कि उनकी आने वाली नस्लें भी याद रखेंगी. साथ ही कहा कि कुछ कायर लोग बच्चों के हाथ में 'I Love Mohammad' का पोस्टर-तख्तियां पकड़ा रहे हैं, ये उनका भविष्य खराब करने जैसा है.
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गजवा-ए-हिंद का सपना देखने वालों का अंत छांगुर बाबा की तरह होगा. उन्होंने बलरामपुर में कहा कि कुछ लोग ऐसे हैं, जिन्हें विकास अच्छा नही लगता. उन्हीं से मैं कहने आया हूं कि विकास में बाधक बनोगे, तो विकास पहले उनके लिए विनाश का कारण बन जाएगा. उत्सव से पहले उपद्रव किया तो पीढियां याद रखेंगी. जो लोग मानते हैं कि अराजकता उनका जन्मसिद्ध अधिकार है, वो समय गया, जब सपा और कांग्रेस की सरकारें थीं. अब सीधे नरक में जाओगे.
सीएम योगी ने कहा कि कुछ लोग रहते तो भारत मे हैं, लेकिन गज़वा-ए-हिंद का सपना देखते हैं, उनका सपना जहन्नुम में जाने का टिकट कन्फर्म कर देगा. देर सबेर उनका हाल छांगुर बाबा जैसा होगा. हमें ऐसे कालनेमियों से सतर्क रहना होगा.
उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को शांति अच्छी नहीं लगती. लातों के भूत बातों से नहीं मानते. हमारी संवेदनाएं गरीब, नौजवान, किसानों, बेटियों, व्यापारियों के लिए हैं. लेकिन इन मूर्खों को ये नहीं पता कि आस्था चौराहे पर प्रदर्शन का विषय नहीं है. ये कमजोर कायर लोग बच्चों के हाथों में 'I Love Mohammad' का पोस्टर-तख्तियां पकड़ा रहे हैं. उन्हें ये नहीं पता कि उनकी जिंदगी तो बर्बाद है ही, उन बच्चों की जिंदगी भी बर्बाद कर रहे हैं.

यूपी में जल जीवन मिशन में लापरवाही पर सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है. 12 जिलों के 26 इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 12 को निलंबित किया गया, जबकि अन्य पर जांच, नोटिस और तबादले की कार्रवाई हुई है. खराब गुणवत्ता, धीमी प्रगति और शिकायतों के बाद यह कदम उठाया गया. सरकार ने स्पष्ट किया है कि हर घर नल योजना में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

कड़क है नॉर्थ बंगाल की चुनावी चाय! 54 सीटों में छुपा सत्ता का स्वाद, स्विंग वोटर्स करेंगे असली फैसला
उत्तर बंगाल की 54 सीटें पश्चिम बंगाल की सत्ता की चाबी मानी जाती हैं, जहां चुनावी ‘चाय’ का स्वाद हर बार बदलता है. टीएमसी और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर में यह इलाका स्विंग जोन की भूमिका निभाता है. चाय बागान, पहाड़ी राजनीति, आदिवासी और राजवंशी वोटबैंक जैसे कई फैक्टर नतीजों को प्रभावित करते हैं. छोटे वोट शिफ्ट भी यहां बड़ा असर डाल सकते हैं, जिससे तय होगा कि राज्य की सत्ता किसके हाथ जाएगी.

मर तो वो 13 साल पहले गया था लेकिन मौत सचमुच तब उसके हिससे में आई जब इस चिता में लेटने के बाद जब हरीश की आत्मा की लाइट यानी रोशनी चिता से उठती इस आग के साथ मिलकर हमेशा-हमेशा के लिए ये दुनिया छोड़ गई. पर इस दुनिया को छोड़ने से पहले हरीश आजादा भारत के इतिहास का पहला भारतीय बन गया जिसे अदालत और अस्पताल ने मिलकर मां-बाप की इच्छा को ध्यान में रखते हुए इच्छामृत्यु दी.










