
लड़के के अकाउंट में गलती से आए 300 करोड़ रुपये... गर्लफ्रेंड ने किया खुलासा!
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ऐसा पहली बार नहीं है कि किसी के बैंक अकाउंट में अचानक गलती से करोड़ों रुपए आ गए हों. इसी महीने अमेरिका की रहने वाली रुथ बैलून के अकाउंट में 302 करोड़ रुपए आने का मामला सामने आया था. ताजा मामले में ऑस्ट्रेलिया के रहने वाले शख्स के खाते में 300 करोड़ रुपए आ गए.
एक लड़के के अकाउंट में अचानक 300 करोड़ रुपए आ गए, लेकिन लड़के ने 'ईमानदारी' दिखाते हुए, तुरंत बैंक को इस गलती की जानकारी दे दी. इस बात से गर्लफ्रेंड गुस्से में आ गई. लड़की अपने बॉयफ्रेंड के निर्णय पर भड़क उठी, उसने ट्विटर पोस्ट में पूरी कहानी बयां की.
ऑस्ट्रेलिया की रहने वाली युवती ने ट्वीट में बताया कि एक दिन जब बॉयफ्रेंड सुबह सोकर उठा तो उसके अकाउंट में किसी और व्यक्ति के 300 करोड़ रुपए आ गए थे. इसके बाद उसने बैंक को कॉल किया और इस गलती के बारे में बता दिया.
युवती ने पोस्ट में आगे लिखा कि हम चाहते तो अपने आईलैंड पर रह सकते थे, लेकिन अब शायद नहीं. वहीं, लड़के ने अपनी गर्लफ्रेंड को मैसेज कर पूरी स्थिति के बारे में बताया. एकबारगी को युवती को लगा कि बॉयफ्रेंड मजाक कर रहा है, पर वह सच बोल रहा था.
युवती ने बताया कि बॉयफ्रेंड के खातों में 300 करोड़ रुपए से ज्यादा का अमाउंट आ गया था. बॉयफ्रेंड ने कहा इसे चुराकर भागना बहुत ही मुश्किल है. वह नहीं चाहता था कि उसे किसी भी तरह की कोई बदनाम मिले.
इस पोस्ट पर कई ट्विटर यूजर्स ने कमेंट्स किए हैं. एक यूजर ने लिखा कि इससे निराश होने की जरूरत नहीं है, बल्कि यह काफी खूबसूरत चीज है कि उनका दिल बहुत अच्छा है और उन्होंने आपके साथ इस बात को शेयर किया. हो सकता था कि ये पैसा आपकी जिंदगी आसान बना देता, लेकिन इससे आपको खुशी नहीं मिलती. आपको तो खुश होना चाहिए कि इतना बेहतरीन पार्टनर मिला है.
एक अन्य शख्स ने मजाकिया अंदाज में लिखा कि आपको उन देशों की लिस्ट देखनी चाहिए थी जिनके साथ ऑस्ट्रेलिया की प्रत्यर्पण संधि नहीं हैं. वहीं, कई यूजर्स ने कहा कि इस शख्स को उसकी ईमानदारी के लिए पुरस्कृत किए जाने की जरूरत है.

वेस्ट एशिया में छिड़े युद्ध में आज अमेरिका की तरफ से ऐसे संकेत आए हैं कि जैसे अमेरिका ईरान के सामने थोड़ा झुका हो. अमेरिका ने ईरान के एनर्जी और पावर प्लांट पर हमलों को फिलहाल टाल दिया है. लेकिन सवाल है कि क्यों? अमेरिका और इजरायल का गठबंधन युद्ध के 24 दिनों के बाद भी ईरान को पूरी तरह से झुका नहीं पाया है. शुरुआत में भले ही अमेरिका इजरायल को कामयाबी मिली हो. लेकिन अब तो ऐसा लग रहा है कि जैसे ईरान ने अपने ताकतवर बम युद्ध के इस हिस्से के लिए बचाकर रखे हों. इजरायल के न्यूक्लियर प्लांट तक ईरान के बम गिर रहे हैं. इजरायल का वर्ल्ड क्लास एयर डिफेंस सिस्टम फेल क्यों हो गया.

युद्ध के 24वें दिन आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चौंकाने वाला बड़ा ऐलान किया. ट्रंप ने कहा कि बीते 2 दिनों से हो रही बातचीत के बाद मैंने ईरानी पावर प्लांट्स पर 5 दिनों के लिए हमले करना रोक दिया है. गौरतलब है कि भारतीय समय से आज रात ही ईरानी पावर प्लांट्स पर हमला करने की ट्रंप की डेडलाइन पूरी हो रही थी. सवाल ये है कि क्या ट्रंप ने अचानक यू टर्न लिया है? अगर ईरान के साथ बीते 2 दिनों से बातचीत हो रही थी तो लगभग 2 दिनों पहले उन्होंने अल्टीमेटम क्यों दिया था? क्यों उन्होंने शक्ति से शांति की बात की थी? सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान के तेवरों के आगे ट्रंप एग्जिट रूट ढूंढ रहे हैं? ट्रंप के ऐलान से क्या युद्ध रुक जाएगा? क्या ईरान और इजरायल युद्ध रोकेंगे? ईरान की मीडिया के अनुसार अमेरिका से ईरान का कोई संपर्क नहीं है.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

ईरान लगातार इजरायल को निशाना बना रहा है. यरुशलम में ईरान के हमले की आशंका को लेकर सायरन बजे. आनन-फानन में लोग बम शेल्टर की ओर भागे. ये सायरन ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी देते हैं. हमसे ले पहले कुछ मिनटों का ही समय होता है जिसमें इजरायली नागरिक अपने करीबी बम शेल्टर में तब तक शरण लेते हैं जब तक कि खतरा टल न जाए. देखें वीडियो.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.






