रेलवे को बॉम्बे हाईकोर्ट से झटका, ट्रेन से गिरकर महिला की मौत मामले में देना होगा दोगुना मुआवजा
AajTak
बॉम्बे हाईकोर्ट ने रेलवे क्लेम ट्रिब्यूनल द्वारा 4 लाख रुपये का मुआवजा देने के आदेश को भी दोगुना कर दिया है. सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि यात्रियों को ले जा रही ट्रेन से यात्री का दुर्घटनावश गिरना दुर्घटनाओं शामिल हैं. यानि जब एक यात्री वैध टिकट या पास के साथ ट्रेन में प्रवेश करने की कोशिश में के दौरान गिर जाता है, तो वह दुर्घटना ही कहलाएगी.
बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने सेंट्रल रेलवे (सीआर) के महाप्रबंधक की एक याचिका खारिज कर दी. साथ ही आदेश दिए कि चलती ट्रेन पकड़ने की कोशिश के दौरान पहियों के नीचे आने वाली मृत महिला के परिवार को रेलवे मुआवजा देने के लिए उत्तरदायी है. कोर्ट ने रेलवे क्लेम ट्रिब्यूनल द्वारा 4 लाख रुपये का मुआवजा देने के आदेश को भी दोगुना कर दिया है. सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि यात्रियों को ले जा रही ट्रेन से यात्री का दुर्घटनावश गिरना दुर्घटनाओं शामिल हैं. यानि जब एक यात्री वैध टिकट या पास के साथ ट्रेन में प्रवेश करने की कोशिश में के दौरान गिर जाता है, तो वह दुर्घटना ही कहलाएगी.
दरअसल, 12 फरवरी, 2006 को एक हादसा उस वक्त हुआ था जब दीपलक्ष्मी बंधे अपने पति के साथ वर्धा से नागपुर की अमरावती नागपुर पैसेंजर में सफर कर रही थीं. इसके लिए उन्होंने साधारण टिकट खरीदा था. दुर्भाग्यपूर्णजब ट्रेन पकड़ने के दौरान वह गिर गईं और गंभीर रूप से घायल हो गईं. बाद में उनकी मौत हो गई. वर्धा में रेलवे पुलिस ने मामला भी दर्ज किया था.
मामला कोर्ट पहुंचा तो सेंट्रल रेलवे का प्रतिनिधित्व करने वाली अधिवक्ता नीरजा चौबे ने कहा कि मृतक दीपलक्ष्मी के पास ट्रेन में चढ़ने के लिए टिकट नहीं था, इसलिए, वह प्रामाणिक यात्री नहीं थी. बार-बार ट्रेन न पकड़ने की हिदायत देने के बावजूद वह ट्रेन पकड़ने की कोशिश कर रही थी. यह घटना उसकी लापरवाही के कारण हुई. इसलिए रेलवे मुआवजे का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी नहीं है. रेलवे ने उन गवाहों को भी पेश किया जिन्होंने ट्रिब्यूनल के सामने बयान दिया था कि उन्होंने मृतक को चलती ट्रेन में नहीं चढ़ने के लिए कहा था, लेकिन इसे नजरअंदाज कर दिया गया.
मृतक वास्तविक यात्री थी- पीड़ित परिवार
वहीं मृतक के परिवार ने दावा किया कि रेलवे मुआवजे देने के लिए उत्तरदायी है. परिवार का प्रतिनिधित्व कर रहे एडवोकेट पीएस मिराचे ने कहा कि केवल इसलिए कि शव से टिकट नहीं मिला, यह नहीं कहा जा सकता कि वह बिना टिकट यात्रा कर रही थी. संभावना है कि किसी अप्रिय घटना के दौरान टिकट गुम हो गया हो. इससे इंकार नहीं किया जा सकता है और इसलिए यह अनुमान लगाया जाना चाहिए कि मृतक वास्तविक यात्री थी.
मुआवजे से वंचित करने के लिए कई तर्क दिए जाएंगे- कोर्ट

हाल में पाकिस्तानी के खिलाड़ियों का एक वीडियो वायरल हुआ , जहां वो कह रहे थे कि उनको ऑस्ट्रेलिया में बर्तन धोने पड़े. इस घटनाक्रम के बाद पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन (PHF) के अध्यक्ष तारिक बुगती ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. लेकिन इस मामले में पाकिस्तानी टीम के खिलाड़ियों को वीडियो क्यों डिलीट करना पड़ा, इसकी वजह सामने आ गई है.

MP विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार को उस समय मर्यादाएं तार-तार हो गईं, जब कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच तीखी बहस ने अपमानजनक मोड़ ले लिया. सदन में इस्तेमाल किए गए असंसदीय शब्दों के कारण न केवल कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी, बल्कि मुख्यमंत्री को भी मोर्चा संभालना पड़ा.

केरल स्टोरी 2 फिल्म को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. मुस्लिम पक्ष इस फिल्म को राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी सरकार का प्रोपेगेंडा बता रहा है. दूसरी ओर, फिल्म मेकर और सरकार के समर्थक कह रहे हैं कि जो भी घटनाएं हुई हैं, उन्हीं पर इस फिल्म की कहानी आधारित है. इसी बीच कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी इस फिल्म पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.










