
रूस से नहीं मिल रहा तेल पर भारी डिस्काउंट, अब इस देश का रुख करेगा भारत
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भारत ने जब पिछले साल रूस से तेल खरीदना शुरू किया, तब उसे रूसी तेल पर भारी छूट मिली. देखते ही देखते रूस भारत का शीर्ष तेल आपूर्तिकर्ता बन गया. लेकिन अब भारत में रूसी तेल को लेकर आकर्षण कम हो रहा है क्योंकि भारत को रूसी तेल पर बेहद कम छूट मिल रही है. भारत अब तेल आपूर्ति बढ़ाने के लिए अपने पारंपरिक तेल आपूर्तिकर्ताओं से बात कर रहा है.
रूसी कच्चे तेल पर छूट में भारी गिरावट और पेमेंट संबंधी दिक्कतों के बीच खबर है कि भारत के सरकारी रिफाइनर कच्चे तेल की खरीद के लिए मध्य-पूर्व के अपने पारंपरिक तेल आपूर्तिकर्ताओं की तरफ मुड़ रहे हैं. सरकारी रिफाइनर इराक से तेल आपूर्ति बढ़ाने को लेकर बातचीत कर रहे हैं.
इंडियन एक्सप्रेस को एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी है. अधिकारी ने बताया है कि रूस के कच्चे तेल यूराल की कीमत बढ़ती जा रही है और यह पश्चिमी देशों की तरफ से रूसी तेल पर लगाए गए प्राइस कैप 60 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बिक रहा है.
अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि हाल के हफ्तों में रूसी कच्चे तेल पर छूट में भारी गिरावट आई है. अगर रूस सरकारी रिफाइनर्स को प्राइस कैप से अधिक कीमत पर तेल बेचेगा तो वो रूस से तेल खरीदना नहीं चाहेंगे.
अधिकारी ने बताया कि भारत ने इराक से कहा है कि वो तेल की भुगतान के लिए कुछ शर्तों में बदलाव करने पर विचार करे. जैसे भारत के सरकारी रिफाइनर्स इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (HPCL) इराक से भारी मात्रा में तेल खरीदेंगे जिसके बदले में वो तेल की मौजूदा क्रेडिट अवधि को 60 दिन से बढ़ाकर 90 दिन कर दे.
अधिकारी ने इराक जैसे भारत के पारंपरिक आपूर्तिकर्ताओं से तेल खरीदने का जिक्र करते हुए कहा, 'यह सबसे साफ सौदा है. इराक हमारा सहयोगी और एक अच्छा व्यापारिक भागीदार रहा है. उन्होंने हमें पहले भी अच्छी छूट दी है.'
हालांकि, अधिकारी ने तेल पर छूट और तेल की अतिरिक्त मात्रा को लेकर कोई खास जानकारी नहीं दी.

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