
रूस-चीन के साथ ईरान की गुटबाजी, एकजुट हुए BRICS के कई देश... क्या समुद्र में चल रही जंग की तैयारी?
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दक्षिण अफ्रीका के समुद्री क्षेत्र में चीन, रूस और ईरान ने संयुक्त नौसैनिक अभ्यास शुरू किया है. इसे BRICS Plus देशों का समुद्री सुरक्षा अभ्यास बताया जा रहा है, लेकिन अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच इसे रणनीतिक शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है.
रूस, चीन और ईरान में बढ़ती रणनीतिक नज़दीकियों के बीच एक बड़ा संकेत दक्षिण अफ्रीका के समुद्री क्षेत्र से सामने आया है. तीनों देशों ने BRICS Plus के तहत एक सप्ताह तक चलने वाले संयुक्त नौसैनिक अभ्यास की शुरुआत की है. दक्षिण अफ्रीका ने इसे समुद्री व्यापार और शिपिंग की सुरक्षा सुनिश्चित करने से जुड़ा अभ्यास बताया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय राजनीति के मौजूदा माहौल में इसके मायने इससे कहीं आगे जाते दिख रहे हैं.
यह अभ्यास ऐसे समय शुरू हुआ है जब अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ कई BRICS Plus सदस्यों के रिश्तों में तनाव देखा जा रहा है. BRICS Plus, मूल BRICS समूह का विस्तारित रूप है, जिसमें अब ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के अलावा ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, मिस्र, इंडोनेशिया और इथियोपिया जैसे देश शामिल हैं. इसे पश्चिमी आर्थिक और रणनीतिक वर्चस्व के विकल्प के रूप में देखा जाता है.
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दक्षिण अफ्रीका की सेना के मुताबिक यह अभ्यास 'विल फॉर पीस 2026' के तहत हो रहा है, जिसमें समुद्री सुरक्षा, संयुक्त संचालन और आपसी तालमेल बढ़ाने पर फोकस किया गया है. चीनी सैन्य अधिकारियों ने उद्घाटन समारोह में बताया कि ब्राजील, मिस्र और इथियोपिया इस अभ्यास में पर्यवेक्षक के तौर पर शामिल हैं. दक्षिण अफ्रीकी सेना का कहना है कि BRICS Plus के सभी सदस्य देशों को इसमें भाग लेने का न्योता दिया गया था.
हालांकि, देश के भीतर ही इस अभ्यास को लेकर राजनीतिक विवाद भी खड़ा हो गया है. दक्षिण अफ्रीका की सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल प्रो-वेस्टर्न डेमोक्रेटिक एलायंस पार्टी ने इसे देश की घोषित तटस्थ नीति के खिलाफ बताया है. पार्टी का आरोप है कि BRICS के जरिए दक्षिण अफ्रीका को वैश्विक शक्ति संघर्ष में मोहरे की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है.
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आज सबसे पहले हम आपको वो तस्वीर दिखाएंगे. जो मुंद्रा पोर्ट से आई है. यहां स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में गरजती मिसाइल और बरसते ड्रोन्स के बीच से चलकर LPG गैस से भरा शिवालिक जहाज भारत आ गया है. इसमें इतनी गैस है जिससे 32 लाख 40 हजार LPG गैस सिलिंडर भरे जा सकते हैं. लगभग इतनी ही गैस लेकर एक और जहाज. नंदा देवी कल सुबह भारत पहुंच जाएगा. इसके बाद आपको इजरायल-अमेरिका और ईरान के युद्ध के 17वें दिन का हर अपडेट बताएंगे. जंग में पहली बार ईरान ने सेजिल मिसाइल दागी. ये मिसाइल बेहद खतरनाक है, इसके जरिए ईरान अपने देश के किसी भी हिस्से से पूरे इजरायल को निशाना बना सकता है. इस सबके बीच UAE में तेल डिपो में आग लगने के साथ ही दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी हमला हुआ.

दिल्ली एम्स ने 31 वर्षीय हरीश राणा के लिए पैसिव यूथेनेशिया प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस के लिए हरीश को शनिवार को गाजियाबाद स्थित आवास से एम्स के डॉ. बीआर अंबेडकर संस्थान रोटरी कैंसर अस्पताल की पैलिएटिव केयर यूनिट में शिफ्ट किया गया है, जहां धीरे-धीरे हरीश के लाफ सपोर्ट सिस्टम को वापस लिया जाएगा, ताकि शरीर स्वाभाविक रूप से शांत हो जाए.

महायुद्ध सत्रह दिन से जारी है. मैं श्वेता सिंह इस वक्त इजरायल की राजधानी तेल अवीव में हूं. जहां आज भी ईरान की तरफ से मिसाइल से हमला किया जाता रहा. पश्चिम एशिया में युद्ध कब तक चलेगा इस सवाल पर इजरायल ने बड़ी बात कही है. दावा किया कि उसने कम से कम 3 हफ्ते तक युद्ध जारी रखने की योजना बनाई है. अमेरिका और इज़राइल के बीच ईरान पर युद्ध तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर गया है, जिससे तेल की कीमतों पर असर पड़ रहा है. पिछले 15 दिनों में ईरान पर भारी बमबारी हुई है. लेकिन उसने हथियार नहीं डाले हैं, इसके बाद इजरायल कह रहा है कि उसकी योजना अगले 3 हफ्तों तक युद्द जारी रखने की है.

चंद्रपुर में एक बाघ के सड़क पार करने के दौरान लोगों की लापरवाही सामने आई. राहगीरों ने अपनी गाड़ियां रोककर बाघ को घेर लिया और उसके बेहद करीब जाकर सेल्फी और वीडियो बनाने लगे. यह घटना दुर्गापुर-मोहुर्ली रोड की है, जो ताडोबा टाइगर रिजर्व के पास है. वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग कार्रवाई की तैयारी कर रहा है.

युद्ध के मोर्चे पर ये समझ में नहीं आ रहा है कि इस युद्ध में जीत कौन रहा है. जिस ईरान को समझा जा रहा है कि सुप्रीम लीडर के मारे जाने के बाद वो सरेंडर कर देगा. वो कहीं से भी पीछे हटता नहीं दिख रहा है. बल्कि ईरान तो और ज्यादा अग्रेसिव हो गया है. और इजरायल के अलावा उसने यूएई का बुरा हाल किया हुआ है. दुबई को तो ईरान ने धुआं धुआं कर दिया. दुबई का हाल ये है कि उसकी ग्लोबल कैपिटल वाली इमेज को ईरान के हालिया हमलों से बहुत बड़ा डेंट लगा है.

पश्चिम एशिया में जंग से तेल और गैस की किल्लत की आशंका के बीच भारत के लिए अच्छी खबर है. भारतीय जहाज शिवालिक कतर से लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस लेकर भारत आ गया है, एलपीजी से लदा भारतीय जहाज शिवालिक गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचा है. ये जहाज लगभग 46 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर आया है, एक घरेलू सिलेंडर में लगभग 14.2 किलोग्राम LPG भरी जाती है. इस तरह से 46 हजार मीट्रिक टन में 32.4 लाख घरेलू सिलेंडर भरे जा सकते हैं. बता दें कि 14 मार्च को ईरान ने शिवालिक को हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत दी थी. वहीं, जहाज नंदा देवी और जग लाडकी कल तक भारत पहुंच सकता है. नंदा देवी जहाज पर भी 46,000 टन LPG लदा है.

युद्ध के बीच भारत का शिवालिक जहाज मुंद्रा पोर्ट पहुंचा है. 45 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर शिवालिक पहुंचा है. कल नंदा देवी जहाज भी LPG की सप्लाई लेकर पहुंच रहा है. ईरान से अमेरिका-इजरायल के युद्ध का तीसरा हफ्ता शुरू हो चुका है. ईरान के खिलाफ इस युद्ध में प्रलय की स्थिति तो है लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप कहीं से भी निर्णायक भूमिका में नजर नहीं आ रहे. होर्मुज का समंदर न सिर्फ ट्रंप के लिए सैन्य चुनौती बन गया है, बल्कि कूटनीतिक झटके भी उन्हें मिलते दिख रहे हैं.






