
रूस को लेकर अमेरिका की नहीं सुन रहा जर्मनी, ठुकराई ये मांग
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यूक्रेन लंबे समय से जर्मनी से मांग कर रहा है कि वो अपनी लंबी दूरी की मिसाइलें उसे दे. अब अमेरिका भी यूक्रेन को लंबी दूरी की मिसाइल देने जा रहा है. जर्मनी पर भी इसका दबाव है लेकिन जर्मन चांसलर ने इस दबाव पर बड़ी बात कर दी है.
2 महीने में सत्ता से जाने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने हाल ही में घोषणा की कि उनका देश यूक्रेन को लंबी दूरी की मिसाइल देगा जिससे वो रूस के अंदर दूर तक हमला कर सके. अमेरिकी प्रशासन खुद तो रूस के खिलाफ यूक्रेन को ऐसी मिसाइल दे ही रहा है, साथ ही अपने सहयोगियों पर भी ऐसा करने का दबाव बना रहा है. लेकिन जर्मनी ने अमेरिकी दबाव में आने से इनकार कर दिया है. जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज ने सोमवार को कहा है कि उनका देश यूक्रेन को लंबी दूरी की Taurus क्रूज मिसाइल नहीं देने जा रहा.
यूक्रेन बहुत समय से जर्मनी से Taurus मिसाइल्स की मांग कर रहा है ताकि वो रूस के अंदर लंबी दूरी तक हमला कर सके. Taurus मिसाइल्स 500 किलोमीटर की दूरी तक जा सकते हैं जिन्हें एक फाइटर जेट के जरिए लॉन्च किया जाता है.
यूक्रेन की इस मांग के बीच जर्मनी पर बाइडेन प्रशासन का दबाव भी बढ़ा है, बावजूद इसके जर्मनी अपनी मिसाइल यूक्रेन को देने के लिए तैयार नहीं है. जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज ने ब्राजील में चल रहे जी-20 शिखर सम्मेलन से इतर कहा, 'मैंने बेहद विस्तार से बता दिया है कि क्यों यूक्रेन को Taurus क्रूज मिसाइल देना सही नहीं है.'
यूक्रेन को अपनी लंबी दूरी की मिसाइल क्यों नहीं देना चाहता जर्मनी?
शोल्ज ने कहा कि रूस के युद्ध के 'आक्रमण' के खिलाफ यूक्रेन का समर्थन करना जरूरी है, साथ ही 'विवेकपूर्ण' तरीके से काम करना भी जरूरी है. उन्होंने कहा कि मिसाइलों का इस्तेमाल तभी किया जा सकता है जब इस बात की जिम्मेदारी साझा की जाए कि उसका लक्ष्य क्या है. उन्होंने पहले भी कहा था कि अगर जर्मनी अपनी क्रूज मिसाइल यूक्रेन को देने के लिए तैयार हो जाता है तो इससे उसके सीधे युद्ध में शामिल होने का खतरा पैदा हो सकता है.
ब्राजील के रियो डी जेनेरियो शहर में शोल्ज ने कहा, 'यह कुछ ऐसा है जिसकी मैं जिम्मेदारी नहीं ले सकता. हमारी साफ समझ है कि अब तक हमने जो शक्तिशाली हथियार, लंबी दूरी की तोपें, रॉकेट लांचर दिए हैं, उनका इस्तेमाल रूस के अंदरूनी इलाकों तक पहुंचने के लिए नहीं किया जा सकता.'

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