
रूस को नहीं पश्चिमी 'प्राइस कैप' की चिंता, भारत को तेल सप्लाई पर पुतिन सरकार का बड़ा बयान
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रूसी तेल पर प्राइस कैप को लेकर पुतिन सरकार की ओर से बड़ा बयान आया है. पुतिन सरकार ने कहा है कि वह पश्चिमी देशों के संभवित प्राइस कैप को लेकर बिल्कुल भी परेशान नहीं है. पुतिन सरकार ने कहा कि रूस अपने भारत और चीन जैसे बड़े खरीदारों से सीधी बात करेगा.
पश्चिमी देशों की ओर से रूसी तेल पर प्राइस कैप लगाने की तैयारियों के बीच रूस ने भारत और चीन को तेल बेचने को लेकर बड़ा बयान दिया है. रूस ने कहा है कि वह संभवित प्राइस कैप को लेकर बिल्कुल भी परेशान नहीं है. रूस ने साफ करते हुए कहा कि वह सीधा भारत और चीन के साथ तेल की डील करेगा. रूस ने प्राइस कैप पर तंज कसते हुए कहा कि कीमत बेचने और खरीदने वालों को तय करनी चाहिए, ना कि उन्हें जो किसी को सजा देने के मन से इसे तय कर रहे हों.
दरअसल, यूक्रेन युद्ध की वजह से अमेरिकी दबदबे वाले जी-7 ग्रुप और यूरोपीय यूनियन जल्द से जल्द रूसी तेल के दाम तय कर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को झटका देने की तैयारी कर रहे हैं. पश्चिमी देशों का मानना है कि ऐसा करने से रूस जो फंड यूक्रेन में युद्ध के लिए इस्तेमाल कर रहा है, उसमें कमी आएगी.
आगामी 5 दिसंबर तक पश्चिमी देश रूसी तेल पर प्राइस कैप का ऐलान कर सकते हैं. अभी तक चर्चा यह है कि रूसी तेल का दाम 65 से 70 डॉलर प्रति बैरल फिक्स किया जा सकता है.
'हम नहीं जानना चाहते कि प्राइस कैप क्या रहेगा'
प्राइस कैप को लेकर रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मॉस्को इस प्राइस कैप को लेकर बिल्कुल भी परेशान नहीं है. विदेश मंत्री ने बयान में कहा कि, ''हम यह जानने में बिल्कुल भी इच्छुक नहीं हैं कि प्राइस कैप क्या होगा, हम अपने सहयोगियों से सीधी बात करेंगे. और जो सहयोगी हमारे साथ काम जारी रखना चाहते हैं, वे इस कैप पर ध्यान न दें और ना ही इस कैप को गैर-कानूनी ढंग से लाने वालों को कोई गांरटी दें.''
लावरोव ने कहा कि रूसी ऊर्जा के भारत, चीन समेत सभी बड़े ग्राहकों के साथ हमारी वार्ता में समय, मात्रा और कीमत को लेकर सभी के हितों के संतुलन का ध्यान रखा जाता है. उन्होंने आगे कहा कि ये चीजें ग्राहकों और खरीददारों को ही मिलकर तय करनी चाहिए, उन्हें नहीं जो किसी को सजा देने के लिए ऐसा कर रहे हों.

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