
रूस के लिए बुरी खबर, NATO में शामिल होगा फिनलैंड, क्रेमलिन ने अपने देश के लिए बताया खतरा
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पूर्वी यूरोपीय देश फिनलैंड नाटो का सदस्य बनेगा. ये खबर रूस के लिए और ज्यादा मुसीबत लेकर आने वाली है. रूस इसे अपने लिए खतरा बता रहा है.
यूक्रेन से जंग लड़ रहे रूस के लिए एक बुरी खबर है. पूर्वी यूरोपीय देश फिनलैंड नाटो (NATO) में शामिल होने जा रहा है. रूस इसे अपने लिए खतरा मान रहा है. रूसी सरकार के मुख्यालय क्रेमलिन के प्रवक्ता दमित्री पेसकोव ने कहा कि नाटो के विस्तार से हमारी सीमाएं और सुरक्षित नहीं रह जाएंगी. फिनलैंड के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने ऐलान किया है कि उनका देश उत्तर अटलांटिक संधि संगठन NATO में शामिल होने के लिए आवेदन देने का समर्थन करता है.
उधर, फिनलैंड के नाटो में शामिल होने के फैसले के बाद रूस ने यूक्रेन पर हमले बढ़ा दिए. फिनलैंड के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने गुरुवार को कहा कि नॉर्डिक देश को सोवियत संघ का मुकाबला करने के लिए स्थापित पश्चिमी गठबंधन में सदस्यता के लिए "बिना देरी के" आवेदन करना चाहिए. इसका मतलब यह हुआ कि फिनलैंड सैन्य गठबंधन में शामिल होने के लिए लगभग तैयार है. हालांकि आवेदन प्रक्रिया शुरू होने से पहले कुछ कदम बाकी हैं. उम्मीद की जा रही है कि पड़ोसी स्वीडन कुछ दिनों में नाटो में शामिल होने का फैसला करेगा.
1,340 किलोमीटर (830 मील) लंबी सीमा फिनलैंड की रूस के साथ 1,340 किलोमीटर (830 मील) लंबी सीमा है. रूसी सरकार के मुख्यालय क्रेमलिन के प्रवक्ता दमित्री पेसकोव ने कहा कि रूस की प्रतिक्रिया इस बात पर निर्भर करेगी कि उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) रूसी सीमाओं के करीब अपने बुनियादी ढांचे को विकसित करने के लिए क्या विशिष्ट कदम उठाता है.
रूस की चेतावनी इससे पहले रूस ने चेतावनी दी थी कि अगर स्वीडन और फिनलैंड नाटो में शामिल होने का निर्णय लेते हैं तो इसके "सैन्य और राजनीतिक नतीजे" होंगे. उन्होंने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पहले ही रूसी सीमाओं के पास नाटो के विस्तार के जवाब में पश्चिमी हिस्से में देश की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए कदम उठाने का आदेश दिया है.

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