
रूस के खिलाफ यूक्रेन के हाथ मजबूत कर रहा अमेरिका! भेज सकता है 150 मिलियन डॉलर के हथियार
AajTak
पेंटागन ने पिछले हफ्ते कहा था कि यूक्रेन की सेना को भी आत्मरक्षा के लिए अब रूस के अंदर टारगेट्स पर हमला करने के लिए अमेरिका की ओर से दी गई लंबी दूरी की मिसाइलों का इस्तेमाल करने की अनुमति है.
रूस से जंग लड़ रहे यूक्रेन को अमेरिका 150 मिलियन डॉलर की अति आवश्यक युद्ध सामग्री भेज सकता है जिसकी घोषणा मंगलवार को हो सकती है. दो अमेरिकी अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी है. वहीं रूस ने यूक्रेन पर रूसी कब्जे वाले इलाकों और रूस के भीतर हमला करने के लिए अमेरिका की ओर से दिए गए हथियारों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है.
रूस ने सोमवार को अमेरिकी राजदूत को तलब किया और अपना विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि रविवार को क्रीमिया पर यूक्रेनी हमले में अमेरिकी एडवांस्ड मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया था, जिसमें कथित तौर पर चार लोगों की मौत हो गई और 150 से अधिक घायल हुए.
अमेरिका ने दी हथियारों के इस्तेमाल की खुली छूट
क्रीमिया पर रूस ने 2014 में कब्जा किया था, जिसे दुनिया के अधिकांश देशों ने 'गैरकानूनी' कहकर खारिज कर दिया था. अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने पिछले हफ्ते कहा था कि यूक्रेन की सेना को भी आत्मरक्षा के लिए अब रूस के अंदर टारगेट्स पर हमला करने के लिए अमेरिका की ओर से दी गई लंबी दूरी की मिसाइलों का इस्तेमाल करने की अनुमति है.
अमेरिका ने बदली पुरानी नीति
युद्ध की शुरुआत के बाद से अमेरिका संघर्ष के और बढ़ने के डर से यूक्रेन को रूसी धरती पर हमला करने के लिए अपने द्वारा प्रदान किए गए हथियारों का इस्तेमाल करने की अनुमति न देने की नीति पर कायम था. अमेरिकी युद्ध सामग्री का उद्देश्य यूक्रेनी बलों को रूसी हमलों को विफल करने में मदद करना है.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











