
रूस और यूक्रेन जंग के बीच क्या छिड़ने जा रहा है तीसरा विश्व युद्ध? बढ़ी आशंका
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रूस और यूक्रेन का युद्ध कहीं दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध की ओर तो नहीं ले जा रहा. युद्ध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है और परमाणु शक्ति इस्तेमाल करने की चर्चा भी बढ़ती जा रही हैं. रूस और यूक्रेन, दोनों खेमों में कई देश पहले ही बंट गए हैं. हालांकि, कई देश अभी किसी एक का पक्ष नहीं ले रहे हैं और दोनों से शांति की अपील कर रहे हैं.
रूस और यूक्रेन के युद्ध ने विश्व के देशों को दो धड़ों में बांट दिया है. जंग इतनी बढ़ गई है कि सब कुछ तबाह कर देने वाले परमाणु बम की धमकियां लगातार दी जा रही हैं. अंतराष्ट्रीय संस्थाएं शांति की अपील कर रही हैं, लेकिन हालात को देखते हुए लगता नहीं है कि दुनिया भर में फैली यह अशांति जल्द शांति का रूप लेगी. इसका ताजा उदाहरण रूस का बीते दिनों यूक्रेन में अब तक का सबसे घातक हमला है, जिसमें 11 लोगों की मौत की खबर है. अगर तनाव ऐसे ही बढ़ता गया तो डर है कि यह कहीं तीसरे विश्व युद्ध में तब्दील न हो जाए. पिछले दिनों में ही कई देश और वैश्विक नेता तीसरे विश्व युद्ध की आशंका जाहिर कर चुके हैं.
अमेरिका के पू्र्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल से होने वाले खतरे पर चेतावनी दी है. डोनाल्ड ट्रंप ने परमाणु युद्ध को लेकर कहा कि दुनिया में कुछ नहीं बचेगा, और यह सब उन अहंकारी लोगों की वजह से होगा, जिन्हें नहीं पता कि वो क्या कर रहे हैं.
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि रूस और यूक्रेन की जंग को शांति से थामने के लिए हमें तुरंत वार्ता की अपील करनी चाहिए, नहीं तो यह सब तीसरे विश्वयुद्ध के साथ खत्म होगा और दुनिया में कुछ नहीं बचेगा.
ट्रंप का यह बयान जो बाइडन के उस बयान के बाद आया है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति ने 60 साल में पहली बार परमाणु जंग के खतरे की चेतावनी दी. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि क्यूबा मिसाइल अटैक के बाद ऐसा पहली बार है, जब परमाणु हमले का खतरा बढ़ गया है. बाइडेन ने एक बयान में ये भी कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन परमाणु हमले को लेकर मजाक नहीं कर रहे हैं.
बेलारूस ने बढ़ाई रूस की ताकत तो पोलैंड ने दिया परमाणु पर बयान रूस और यूक्रेन के बीच का युद्ध अब कई देशों के बीच की लड़ाई का रूप लेता जा रहा है. यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में बेलारूस की सेना रूसी सैनिकों का साथ देगी. हाल ही में बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने व्लादिमीर पुतिन से रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में मुलाकात की थी.
बेलारूस के राष्ट्रपति ने कहा कि हम इसके लिए दशकों से तैयार थे, अगर जरूरत पड़ी तो हम जवाब देंगे. हालांकि, बेलारूस के रक्षा मंत्री ने यूक्रेन के खिलाफ जंग में शामिल होने वाली बात को खारिज कर दिया और कहा कि हम किसी के साथ नहीं लड़ना चाहते हैं.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.












