
रिश्तेदार से था बेटी का अफेयर, नाराज घर वालों ने प्रेमी को किडनैप कर लगाई आग
AajTak
बेंगलुरु में 18 साल के शशांक को किडनैप कर आग के हवाले कर दिया गया. उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. शशांक के पिता रंगनाथ ने बताया कि उनका बेटा दूर के रिश्तेदार की लड़की के साथ रिलेशन में था. इसका लड़की के परिजन विरोध कर रहे थे. उन्होंने शशांक को धमकी भी दी थी.
कर्नाटक के बेंगलुरु से चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां के राजाराजेश्वरी नगर में एक 18 साल के लड़के को किडनैप करके उसे आग लगा दी गई. पीड़ित की पहचान शशांक के तौर पर हुई. बताया जा रहा है कि शशांक दूर की रिश्तेदारी में एक लड़की से रिलेशन में था. ऐसे में लड़की के परिजनों को इससे आपत्ति थी. आरोप है कि लड़की के परिजनों ने शशांक का अपहरण करके आग के हवाले कर दिया.
शशांक को जली हुई अवस्था में बेंगलुरु के विक्टोरिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है. शशांक इंजीनियरिंग कर रहा है. पुलिस के मुताबिक, उसका अपहरण कर उसे शहर के बाहरी इलाके में ले जाया गया. जहां उसे जला दिया गया. पुलिस ने कुंबलगोडु थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
शशांक के पिता रंगनाथ ने बताया कि वह जिस लड़की से रिलेशन में था, वह उसकी दूर की रिश्तेदार हैं. दोनों हाल ही में घर पर मिले भी थे. इससे लड़की के परिजन नाराज हो गए थे. उन्होंने इस रिश्ते का विरोध करते हुए शशांक को लड़की से दूर रहने की चेतावनी दी थी.
रंगनाथ ने बताया कि लड़की के चाचा ने शशांक को धमकी भी दी थी. इसके बाद शशांक ने लड़की से दूरी बना ली थी. लेकिन शनिवार को शशांक जब कॉलेज से घर जा रहा था, तो लड़की के परिवार के 7 लोगों ने उसे कार से अगवा कर लिया और उसे शहर के बाहर ले गए और आग लगा दी. इसके बाद शशांक को अस्पताल में भर्ती कराकर पुलिस को सूचना दी गई. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

सरकार ने राज्यसभा में बताया कि निजाम के 173 बहुमूल्य गहने 1995 से भारतीय रिजर्व बैंक के वॉल्ट में कड़ी सुरक्षा में रखे गए हैं. संस्कृति मंत्रालय ने इनके ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और विरासत महत्व को स्वीकार किया है. केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने स्पष्ट किया कि फिलहाल इन गहनों को हैदराबाद में स्थायी सार्वजनिक प्रदर्शनी के लिए स्थानांतरित करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है.

Delhi Weather: दिल्ली में फरवरी की शुरुआत मौसम में बदलाव के साथ होगी. जिसमें हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिलेगा. IMD के अनुसार, 31 जनवरी से 3 फरवरी तक न्यूनतम तापमान 6-8 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 19-21 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा. जनवरी में असामान्य बारिश के बाद फरवरी की शुरुआत भी ठंडी और गीली रहने की संभावना है.

जम्मू-कश्मीर से लेकर हिमाचल प्रदेश तक पहाड़ों पर भारी बर्फबारी हो रही है और दृश्य अत्यंत सुंदर हैं. इस बर्फबारी के कारण कई पर्यटक इन जगहों की ओर जा रहे हैं. रास्तों पर भारी भीड़ और जाम की स्थिति बन गई है क्योंकि कई मार्ग बंद हो गए हैं. श्रीनगर में सुबह से लगातार बर्फबारी हो रही है जिससे मौसम में बदलाव आया है और तापमान गिरा है. पुलवामा, कुलगाम, शोपियां, गुरेज सहित अन्य क्षेत्र भी इस मौसम से प्रभावित हैं.

अमेरिका का ट्रंप प्रशासन इस महीने ‘ट्रंपआरएक्स’ नाम की एक सरकारी वेबसाइट लॉन्च करने की तैयारी में है, जिसके जरिए मरीज दवा कंपनियों से सीधे रियायती दरों पर दवाएं खरीद सकेंगे. सरकार का दावा है कि इससे लोगों का दवा खर्च कम होगा. हालांकि इस योजना को लेकर डेमोक्रेट सांसदों ने गलत तरीके से दवाएं लिखे जाने, हितों के टकराव और इलाज की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं.

आज सबसे पहले दस्तक देने जा रहे हैं, पंजाब में ध्वस्त होते लॉ एंड ऑर्डर पर, पंजाब में बढ़ते, गैंग्स्टर्स, गैंगवॉर और गन कल्चर पर. जी हां पंजाब में इस वक्त एक दर्जन से ज़्यादा गैंग्स सरेआम कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा रहे हैं, कानून के रखवालों के दफ्तरों के सामने हत्याओं को अंजाम दे रहे हैं, और तो और बिना डरे, पंजाब पुलिस, पंजाब सरकार को, पंजाब के नेताओं, मंत्रियों, उनके बच्चों, उनके रिश्तेदारों को धमकियां दे रहे हैं. देखें दस्तक.

देहरादून के विकासनगर इलाके में दुकानदार द्वारा दो कश्मीरी भाइयों पर हमला करने का मामला सामने आया है. खरीदारी को लेकर हुए विवाद के बाद दुकानदार ने मारपीट की, जिसमें 17 साल के नाबालिग के सिर में चोट आई. दोनों भाइयों की हालत स्थिर बताई जा रही है. पुलिस ने आरोपी दुकानदार संजय यादव को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है.

जिस मुद्दे पर नियम बनाकर UGC ने चुप्पी साध ली, राजनीतिक दल सन्नाटे में चले गए, नेताओं ने मौन धारण कर लिया.... रैली, भाषण, संबोधनों और मीडिया बाइट्स में सधे हुए और बंधे हुए शब्द बोले जाने लगे या मुंह पर उंगली रख ली गई. आखिरकार उन UGC नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़े सवाल पूछते हुए इन्हें भेदभावपूर्ण और अस्पष्ट मानते हुए इन नियमों पर अस्थाई रोक लगा दी. आज हमारा सवाल ये है कि क्या इन नियमों में जो बात सुप्रीम कोर्ट को नजर आई... क्या वो जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों को दिखाई नहीं दी?






