
राहुल-ममता की आक्रामक पॉलिटिक्स के बीच कैसे यूएस डील मोदी सरकार के लिए बन गई बूस्टर?
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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चीन के मुद्दे और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने एसआईआर के मुद्दे पर आक्रमक तेवर दिखाकर बीजेपी को कशमकश में डाल दिया था, लेकिन सोमवार को सूरज ढलने के साथ ही यह मुद्दे भी डूब गए, क्योंकि देर शाम अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड डील फाइनल हो गई.
बजट के दूसरे दिन सोमवार को संसद से सड़क तक सियासी माहौल राजनीति गरम था. लोकसभा में नेता प्रति राहुल गांधी की आक्रामक राजनीति ने संसद की तपिश बढ़ा रखी थी तो एसआईआर के मुद्दे पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के खिलाफ सख्त तेवर अपनाकर राजनीतिक माहौल को और भी ज्यादा गरमा दिया.
राहुल गांधी और ममता बनर्जी की आक्रामक पॉलिटिक्स से मोदी सरकार और बीजेपी कशमकश में नजर आ रही थी तो विपक्ष के हौसले बुलंद थे, लेकिन सूरज ढलने के साथ ही सारा गेम बदल गया. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी के बीच बातचीत होती है और फिर अमेरिका-भारत के बीच व्यापार समझौते पर फाइल मुहर लग जाती है.
डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार देर शाम इंडिया-यूएस डील पर फैसला लेते हुए भारत पर लगाए गए टैरिफ को कम कर दिया है. अमेरिका ने अब टैरिफ को 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया है. अमेरिका और भारत की ट्रेड डील सिर्फ मार्केट के लिए ही नहीं किया, बल्कि मोदी सरकार के लिए सियासी बूस्टर से कम नहीं है. मंगलवार सुबह से मार्केट बम-बम है तो मोदी सरकार के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं.
चीन के मुद्दे पर राहुल ने मोदी को घेरा
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान आक्रमक अंदाज में मोदी सरकार को चीन मुद्दे पर घेरकर संसद का माहौल पूरी तरह गर्मा दिया था. राहुल ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित किताब 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' का हवाला देते हुए मोदी सरकार को घेरा. उन्होंने दावा किया कि 2020 के लद्दाख स्टैंडऑफ और डोकलाम में चीनी टैंक भारतीय सीमा की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन सरकार ने पर्याप्त कदम नहीं उठाए. राहुल ने कहा, “सरकार क्यों डर रही है? सेना के हर जवान को सच मालूम है.
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