
राष्ट्रपति चुनाव से पहले ट्रंप को बड़ा झटका, कोर्ट ने अब इस राज्य के प्राइमरी चुनाव के लिए अयोग्य घोषित किया
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अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से पहले पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका लगा है. यूएस कैपिटल पर 6 जनवरी, 2021 को किए गए हमले में उनकी भूमिका को लेकर इलिनोइस राज्य की एक जज ने अपना फैसला दिया. कोर्ट ने रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद के प्राथमिक मतदान में हिस्सा लेने से ट्रंप को रोक दिया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से पहले पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इलिनोइस राज्य की एक स्थानीय अदालत से बड़ा झटका लगा है. इलिनोइस की एक एक जज ने ट्रंप को रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद के प्राइमरी बैलेट (प्राइमरी मतदान) में उपस्थित होने से रोक दिया है. इलिनोइस इस तरह का तीसरा राज्य है जिसने 6 जनवरी, 2021 की यूएस कैपिटल में विद्रोह में ट्रंप की भूमिका के लिए उन पर प्रतिबंध लगाया है.
वोटरों ने की थी प्रतिबंध लगाने की मांग
इलिनोइस कुक काउंटी सर्किट की जज ट्रेसी पोर्टर ने ट्रम्प को अपील करने के लिए शुक्रवार तक का समय दिया. पोर्टर ने अपना फैसला 14वें संशोधन के एक प्रावधान के आधार पर लिया है. 14वें संशोधन की धारा-3 लोगों को सार्वजनिक पद संभालने से रोकती है. इसके तहत पहले वो लोग, जो एक बार संविधान का समर्थन और बचाव करने का वचन देने के बाद विद्रोह या विद्रोह में शामिल होते हैं उन्हें मतदान से रोका जाता है.
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कुक काउंटी सर्किट न्यायाधीश ट्रेसी पोर्टर ने इलिनोइस के मतदाताओं का पक्ष लिया, जिन्होंने तर्क दिया था कि पूर्व राष्ट्रपति को अमेरिकी संविधान के नियमों उल्लंघन करने के लिए राज्य के 19 मार्च के प्राइमरी चुनाव (Ballot) और 5 नवंबर के आम चुनाव मतपत्र से अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए. इलिनोइस मामले और इसी तरह से संबंधित मामलों का अंतिम परिणाम संभवतः अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय किया जाएगा, जिसने 8 फरवरी को ट्रम्प की मतपत्र पात्रता से संबंधित दलीलें सुनीं.
पोर्टर ने कहा कि वह अपने फैसले पर रोक लगा रही हैं क्योंकि उसे इलिनोइस की अपीलीय अदालतों में उसकी अपील और अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से संभावित फैसले की उम्मीद है. ट्रंप के खिलाफ कोर्ट में दलीलें रखने वाले वकीलों ने इस फैसले को "ऐतिहासिक जीत" बताया है.

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