
राम रहीम पर बरस रही हरियाणा सरकार की 'कृपा', 14 महीनों में मिली 133 दिन की परोल, कानून तक बदला
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गुरमीत राम रहीम को बेशक दो-दो बलात्कार और दो-दो कत्ल के मामलों में 20 साल की कैद से लेकर उम्र कैद तक की डबल सज़ा मिल चुकी हो, लेकिन वो इस साल फरवरी के अंत तक पैरोल और फर्लो की शक्ल में वो कुल 133 दिनों तक आजादी के मजे ले चुका होगा.
कानून की नजर में गुरमीत राम रहीम इंसा कातिल भी है और रेपिस्ट भी. मगर हरियाणा सरकार की उसके लिए जो मोहब्बत है, वो कम होने का नाम ही नहीं लेती. अब कहने को तो कानून की नजर में सब बराबर होते हैं, लेकिन जिस तरह से हरियाणा सरकार बाबा को खुले हाथों से कभी फरलो तो कभी पैरोल के नाम पर रिहाई दे रही है, उसकी दूसरी मिसाल इस देश में कहीं और नहीं मिलती. पिछले 14 महीनों में चौथी बार और तीन माह में दूसरी बार गुरमीत राम रहीम जेल के बाहर है.
28 अगस्त, 2017 अदालत ने डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दो साध्वियों से रेप के जुर्म में 20 साल की सज़ा सुनाई.
17 जनवरी, 2019 पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के जुर्म में अदालत ने गुरमीत राम रहीम को उम्र कैद की सज़ा सुनाई.
24 अक्टूबर, 2020 इसके बाद हरियाणा सरकार ने गुरमीत राम रहीम को गुरुग्राम के अस्पताल में बीमार मां से मिलने के लिए 1 दिन की पैरोल दी.
21 मई, 2021 हरियाणा सरकार ने फिर से गुरमीत राम रहीम को बीमार मां से मिलने के लिए 1 दिन की पैरोल दी.
18 अक्टूबर, 2021 अदालत ने डेरा मैनेजर रंजीत सिंह के कत्ल के एक मामले में गुरमीत राम रहीम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई.

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