
राम मंदिर आंदोलन में कारसेवा, बाबरी के गुंबद पर चढ़े... अजीत गोपचड़े को राज्यसभा भेज रही BJP
AajTak
आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने महाराष्ट्र से तीन नामों में एक डॉक्टर अजीत गोपचड़े के नाम का भी ऐलान किया है. वह राज्य इकाई के पार्टी उपाध्यक्ष हैं. राज्यसभा के लिए नामित किए जाने पर उन्होंने अपनी खुशी जाहिर की. आइए आपको बताते हैं कि आखिर अजीत गोपचड़े कौन हैं?
आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने महाराष्ट्र से जिन तीन उम्मीदवारों का ऐलान किया है, उसमें एक डॉ. अजीत गोपचड़े भी हैं. गोपचड़े के नाम के ऐलान के बाद उनकी पुरानी तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं. तस्वीर में उनके बाबरी मस्जिद के गुंबद पर पर चढ़े होने का दावा किया जा रहा है. आइए हम आपको बताते हैं कि आखिर कौन हैं डॉक्टर अजीत गोपचड़े.
बीजेपी के राज्यसभा के उम्मीदवार डॉ. अजीत गोपचड़े ने खुद बताया था कि 1992 में उन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन के हिस्से के रूप में अयोध्या में कार सेवा की थी. सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर में उन्हें कारसेवकों के समूह के साथ देखा जा सकता है. अजीत गोपचड़े राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक समर्पित कार्यकर्ता रहे हैं.
ये भी पढ़ें- अशोक चव्हाणः आदर्श घोटाले के सबसे बड़े चेहरे में BJP को क्या फायदा दिख रहा है?
22 साल की उम्र में की कारसेवा
बीजेपी ने गोपचड़े को महाराष्ट्र के उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी थी. नांदेड़ लोकसभा क्षेत्र के साथ-साथ नांदेड़ और नायगांव विधानसभा क्षेत्रों को लेकर भी उनके नाम की अक्सर चर्चा होती रहती है. उन्होंने बताया था कि दिसंबर 1992 में वह 22 साल के थे. एमबीबीएस कोर्स पूरा ही किया था. इसी दौरान उन्हें राम मंदिर आंदोलन के बारे में पता चला. वह 1990 के रथ यात्रा का भी हिस्सा रहे.
ये भी पढ़ें: कारसेवकों में शामिल थे डॉ. अजीत गोपचड़े, सुनाई 6 दिसंबर 1992 की पूरी कहानी

ईरान युद्ध के बीच पाकिस्तान की एक बड़ी साजिश बेनकाब हुई है. पाकिस्तान को लेकर खुलासा हुआ है कि वो उसने अपने एजेंट्स की मदद से भारत में सीसीटीवी लगवाए, जिनके जरिए वीडियो पाकिस्तान भेजे जा रहे थे. गाजियाबाद पुलिस ने पाकिस्तान की इस साजिश को नाकाम किया. पाकिस्तान ने इजरायल से सीख लेकर ऐसा किया. इजरायल ने तेहरान के ट्रैफिक कैमरों को हैक कर खामेनेई को लेकर अहम जानकारी जुटाई थी. देखें वीडियो.

डोनाल्ड ट्रंप ने पूरी दुनिया को कन्फ्यूज कर दिया है. एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप और उनके दावे हैं. वहीं दूसरी तरफ इन दावों को आंख दिखाती हकीकत. सवाल ये है कि जंग की बिसात पर ट्रंप कौन सा खेल खेल रहे हैं. जंग की शुरुआत से अबतक डोनाल्ड ट्रंप अपनी आदत के मुताबिक अपने बयान बदल रहे हैं. दुर्भाग्य ये है कि ये जंग है. पहले दिन से वो कह रहे हैं कि हम जीत रहे हैं. जंग के 25 दिन बाद हकीकत कुछ और है. लेकिन वो कह रहे हैं कि उन्होंने ईरान को खत्म कर दिया है. फिर दबाव बढ़ाने के लिए उन्होंने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया. वहीं अचानक ये कहकर दुनिया को चौंका दिया कि 5 दिन युद्धविराम. ट्रंप की इन बातों ने बता दिया है कि उनके दिमाग में घोर कन्फ्यूजन है.

पश्चिम एशिया में बिगड़े हालातों पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी की बातचीत हुई है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर इसकी जानकारी दी. पीएम मोदी ने कहा है कि उन्हें ट्रंप का फोन आया और पश्चिम एशिया की स्थिति पर बात हुई. भारत तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति बहाल करने का समर्थन करता है. देखें वीडियो.

मोहम्मद बाघेर जोलघादर, ईरान के नए सुरक्षा रणनीतिकार होंगे. ईरान ने अली लारीजानी की जगह पर मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति का ऐलान किया है. ईरान के सरकारी चैनल IRIB के मुताबिक सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति को मंजूरी दी है. ईरान का ये ऐलान ऐसे समय में हुआ है, जब बातचीत के राष्ट्रपति ट्रंप के एकतरफा ऐलान के बावजूद ईरान पलटवार से रुका नहीं. ईरान के हमलों से आज तेल अवीव में रिहाइशी इमारतों की बर्बादी की तस्वीरें आईं. उधर, इजरायल ने ईरान के खोर्रमशहर और इशफाहान में ऊर्जा केंद्रों पर हमले किए. इजरायल ने ईरान के कई शहरों में हमले किए हैं. बीती रात हुए हमलों से साफ है कि बातचीत के लिए 5 दिनों की जो मोहलत ट्रंप ने दी, उसका कोई नतीजा नहीं दिख रहा. इस बीच, वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब और UAE भी युद्ध में उतर सकते हैं. सवाल है कि इस युद्ध पर फुलस्टॉप कैसे लगेगा? क्या बातचीत के लिए ईरान को कथित तौर पर मोहलत देने का ट्रंप का दांव नाकाम है?

दिल्ली सरकार के बजट को लेकर मंत्री ने शिक्षा क्षेत्र में किए गए बड़े आवंटन पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने बताया कि इस बार बजट में सबसे अधिक राशि शिक्षा के लिए निर्धारित की गई है, जो 19,000 करोड़ से ज्यादा है. इसके तहत स्मार्ट क्लासरूम, लाइब्रेरी और ICT लैब्स के विकास के लिए भी करोड़ों रुपये का प्रावधान किया गया है. हालांकि मंत्री ने यह भी कहा कि ये आंकड़े केजरीवाल गवर्नेंस मॉडल की वास्तविकता को उजागर करते हैं और इससे कई सवाल खड़े होते हैं.








