
राज्यसभा नहीं भेजे जा रहे मुख्तार अब्बास नकवी और आरसीपी सिंह, जानें कब तक बने रह सकते हैं मंत्री
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मोदी सरकार के चार मंत्रियों का राज्यसभा सदस्य का कार्यकाल जुलाई के पहले सप्ताह में खत्म हो रहा है, जिनमें से दो मंत्रियों की संसद में वापसी हो रही है. जबकि मुख्तार अब्बास नकवी और आरसीपी सिंह को टिकट नहीं मिला है. ऐसे में अगर वो छह महीने के अंदर लोकसभा और राज्यसभा में किसी भी सदन के सदस्य नहीं चुने गए तो उन्हें मंत्री पद गंवाना पड़ सकता है.
मोदी सरकार के चार मंत्रियों का राज्यसभा में कार्यकाल खत्म हो रहा है. इनमें बीजेपी कोटे से तीन और एक मंत्री जेडीयू कोटे से हैं. बीजेपी ने अपने दो मंत्रियों निर्मला सीतारमण और पीयूष गोयल को दोबारा से राज्यसभा भेजने का फैसला किया है तो मुख्तार अब्बास नकवी को रिपीट नहीं किया गया है. वहीं, जेडीयू कोटे से मोदी सरकार में मंत्री आरसीपी सिंह की जगह खीरू महतो को प्रत्याशी बनाया गया है.
मुख्तार अब्बास नकवी और आरसीपी सिंह का राज्यसभा से पत्ता कटने के बाद अब उनके सामने अपने मंत्री पद की कुर्सी को बचाए रखने की चुनौती खड़ी हो गई है. बीजेपी ने 22 राज्यसभा उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया, जिसमें नकवी शामिल नहीं हैं. ऐसे में अगर छह महीन के अंदर आरसीपी और नकवी संसद नहीं पहुंचे तो उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना होगा. इस तरह मोदी सरकार के मंत्रिमंडल में बदलाव भी देखने को मिल सकता है.
झारखंड से राज्यसभा पहुंचे थे नकवी
मोदी सरकार में मुस्लिम चेहरे के तौर पर शामिल मुख्तार अब्बास नकवी साल 2016 में झारखंड से राज्यसभा सदस्य चुने गए थे, जिनका कार्यकाल 7 जुलाई को खत्म हो रहा है. बीजेपी ने झारखंड से राज्यसभा के लिए इस बार नकवी की जगह आदित्य साहू को उम्मीदवार बनाया है. झारखंड से पत्ता कटने के बाद माना जा रहा था कि नकवी को किसी दूसरे राज्य से बीजेपी प्रत्याशी बना सकती है, लेकिन सोमवार को लिस्ट आने के बाद उस पर भी विराम लग गया. ऐसे में अब नकवी की साख दांव पर लग गई है.
मुख्तार अब्बास नकवी के सामने अब यूपी की रामपुर सीट से लोकसभा चुनाव लड़ना का विकल्प दिख रही है, क्योंकि वो 1998 में इस सीट से सांसद रह चुके हैं. रामपुर संसदीय सीट से नकवी तीन बार चुनाव लड़े हैं, जिनमें एक बार जीते हैं. ऐसे में बीजेपी अगर उन्हें रामपुर से प्रत्याशी बनाती है तो जीत दर्ज करनी होगी तभी जाकर कभी मंत्री पद की कुर्सी बचेगी, नहीं तो उन्हें इस्तीफा देना पड़ेगा.
आरसीपी सिंह के सामने भी चैलेंज

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