
राज्यसभा चुनाव में एनडीए को नुकसान, यूपीए को मिलेगा फायदा, क्या है पूरा गणित?
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राज्यसभा की 59 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं, जिसमें से 57 सीट पर 10 जून को और दो सीटों पर 13 जून को मतदान होंगे. इन 59 सीटों में से बीजेपी के अगुवाई वाले एनडीए के पास 31 सीटेें थी तो कांग्रेस नेतृत्व वाले यूपीए के पास 13 सीट. हालांकि, इस बार के सियासी समीकरण के चलते एनडीए को नुकसान तो यूपीए को फायदा मिलेगा.
देश के 15 राज्यों की 57 राज्यसभा सीटों पर 10 जून को मतदान है जबकि 2 अन्य सीटों पर उपचुनाव 13 जून को है. इस तरह से कुल 59 सीटों पर राज्यसभा चुनाव हो रहे हैं. इन 59 राज्यसभा सीटों में से बीजेपी के अगुवाई वाले एनडीए का 31 सीटों पर कब्जा है, जिनमें से 25 सीटें बीजेपी और बाकी छह सीटें उसके सहयोगी दल के पास है. वहीं, कांग्रेस के अगुवाई वाले यूपीए के पास 13 सीटें हैं, लेकिन मौजूदा समीकरण के लिहाज से एनडीए को नुकसान तो यूपीए को फायदा मिलता दिख रहा.
बता दें कि राज्यसभा की 59 सीटों में से बीजेपी का 25 सीटों पर कब्जा है और उसके सहयोगी दल में जेडीयू के पास दो और AIADMK के खाते में 3 सीटें हैं. इसके अलावा एक निर्दलीय राज्यसभा सदस्य सुभाष चंद्रा को जोड़ लिया जाए तो एनडीए के पास 31 सदस्य हो रहे थे, लेकिन इस आकंड़े को एनडीए को बरकरार नहीं रख पाएगी.
वहीं, यूपीए की बात करें तो कांग्रेस के 8, डीएमके के 3, शिवसेना और एनसीपी के एक-एक सांसदों को मिलाकर इसकी कुल संख्या 13 तक पहुंचती है. इसके अलावा सपा के पास 3, बीजेडी के पास 4, बसपा के पास 2 और टीआरएस के पास 3 राज्यसभा सांसद हैं जबकि वाईएसआर कांग्रेस, अकाली दल और आरजेडी इन तीनों दलों के पास 1-1 सांसद हैं. इस तरह से वर्तमान में अन्य दलों का आंकड़ा 15 तक पहुंच रहा है.
राज्यसभा चुनाव में यूपीए और अन्य दलों की सीटें बढ़ रही हैं जबकि बीजेपी और एनडीए को नुकसान होगा. विधानसभा के चुनाव के नतीजे के आंकड़े बता रहे हैं इस बार बीजेपी के अगुवाई वाले एनडीए को 7 से 9 सीटों का नुकसान उठाना पड़ सकता है जबकि यूपीए को 2 से 4 सीटों का फायदा होता नजर आ रहा है. ऐसे में ही अन्य दलों को भी राज्यसभा सीटें बढ़ रही हैं.
यूपी में बीजेपी को मिलेगा फायदा
उत्तर प्रदेश की जिन 11 राज्यसभा सीटों पर चुनाव है, उनमें से 5 सीटें बीजेपी, तीन सीटें सपा, दो सीटें बसपा और एक सीट पर कांग्रेस का कब्जा था. मौजूदा विधानसभा के आंकड़ो के लिहाज से बसपा और कांग्रेस राज्यसभा सीटें नहीं मिलेंगी. वहीं, सपा अपनी तीनों ही सीटें बचाए रखने में सफल रहेगी जबकि बीजेपी सात सीटे मिलनी तय है, जिसे उसे दो सीटों का सीधे फायदा मिलेगा. इसके अलावा एक सीट पर सपा और बीजेपी के बीच जोर आजमाइश हो सकती है और ऐसे में जो भी दल 34 विधायकों के समर्थन जुटाने में सफल रहता है तो यह सीट उसकी होगी.

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