
राजस्थान SI भर्ती 2021: पूर्व RPSC सदस्य रामू रायका और बाबूलाल कटारा को आमने सामने बिठाकर पूछताछ करेगी SOG
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राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) एसआई पेपर लीक मामले में पूछताछ के दौरान पूर्व आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा और रामूराम रायका को आमने-सामने बैठाने की योजना बना रही है. इससे पहले, कोर्ट ने रायका को एसओजी की हिरासत में भेज दिया था.
राजस्थान उप निरीक्षक भर्ती 2021 मामले में राजस्थान लोक सेवा आयोग के पूर्व सदस्य रामूराम रायका के बाद अब राजस्थान एसओजी को आरपीएससी के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा की हिरासत मिली है. एसओजी इन दोनों से साथ में पूछताछ कर सकती है. बता दें कि पूर्व राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) सदस्य बाबूलाल कटारा को मंगलवार को पेपर लीक मामले में सात दिन की हिरासत में भेज दिया गया था.
सूत्रों के अनुसार, पेपर लीक मामलों की जांच कर रही राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) एसआई पेपर लीक मामले में पूछताछ के दौरान पूर्व आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा और रामूराम रायका को आमने-सामने बैठाने की योजना बना रही है. एसओजी ने एसआई पेपर लीक मामले में रायका के बेटे देवेश और बेटी शोभा को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है. देवेश और शोभा उन पांच प्रशिक्षु एसआई में शामिल हैं, जिन्हें पिछले सप्ताह एसओजी ने गिरफ्तार किया था.
रामूराम रायका ने आयोग से ही निकलवाए थे दोनों पेपर
रामू राम रायका की गिरफ्तारी पर SOG के ADG वीके सिंह ने बताया था कि शोभा और देवेश को कुछ नहीं आने पर गिरफ्तार किया तो खुलासा हुआ कि RPSC सदस्य रहते पिता रामूराम रायका ने आयोग से ही दोनों पेपर निकाल लिए थे. SOG ने जब परीक्षा ली तa टॉपर बेटी शोभा को हिंदी में 100 में से 34 और सामान्य ज्ञान में 100 में से 24 नंबर आए. परीक्षा में नsगेटिव नंबर देने पर ज़ीरो आ रहा था. 37वीं रैंक लाने वाले बेटे को दोनों पेपरों में 67 और 69 आए, मगर निगेटिव मार्किंग में वह भी परीक्षा में फेल हो रहा है.
इस परीक्षा को लेकर भी गिरफ्तार हो चुके हैं बाबूलाल कटारा
इससे पहले आरपीएससी के सदस्य बाबूलाल कटारा को एसओजी ने सेकेंड ग्रेड टीचर परीक्षा के पेपरलीक करने के आरोप में भी गिरफ्तार किया था. राजस्थान में एसओजी ने 5 ट्रेनी एसआई परीक्षा के पेपर लीक मामले में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किए हैं. इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं. इन सभी को पहले पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था. सभी पांचों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 7 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया.

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