राजस्थान में BJP कार्यकर्ता सड़कों पर क्यों उतरे?
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राजस्थान में बीजेपी के लिए हर दिन एक नई चुनौती सामने आ रही है. उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी होने बाद कुछ इलाकों में पार्टी कार्यकर्ता क्यों विरोध कर रहे हैं, छत्तीसगढ़ में काँग्रेस ने सभी सीट्स पर अपने कैंडिडेट्स की घोषणा कर तो दी है लेकिन सत्तारूढ़ पार्टी के सामने चैलेंज बड़े हैं, भारत की 6 परसेंट आबादी मुकदमेबाज़ी में फंसी है, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने दो ज़रूरी निर्देश जारी किए हैं, वहीं, क्रिकेट की दुनिया से उदास करने वाली खबर आई. भारत की लेजन्डेरी स्पिन चौकड़ी के पिलर बिशन सिंह बेदी का निधन हो गया. कैसे वो तेज़ गेंदबाज़ी के दौर में फिरकी से बल्लेबाज़ों में खौफ भर देते थे, सुनिए 'दिन भर' में नितिन ठाकुर से.
राजस्थान में चुनावी समर की तैयारी ज़ोर पकड़ती दिख रही है. भारतीय जनता पार्टी ने बीते शनिवार अपने कैंडिडेट्स की दूसरी लिस्ट जारी की थी. जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया के नाम शामिल हैं. राजस्थान की सत्ता में वापसी के सपने देख रही बीजेपी ने अब तक 200 में से 124 सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं, लेकिन पार्टी को कई जगह इसके लिए विरोध का सामना करना पड़ रहा है. जयपुर, राजसमंद, बूंदी, उदयपुर समेत सूबे के अलग अलग हिस्सों में बीजेपी के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने पार्टी के ख़िलाफ़ मोर्चा बुलंद किया. राजसमंद से तो ये भी खबर आई कि पार्टी कार्यकर्ताओं ने बीजेपी कार्यालय में ही तोड़ - फोड़ की. चित्तौड़गढ़ में बीजेपी स्टेट प्रेसिडेंट सीपी जोशी के घर पर भी पथराव किया गया. राजस्थान में 25 नवंबर को एक फेज में वोटिंग होने वाली है, सुनिए 'दिन भर' में
छोटे दलों से कांग्रेस परेशान? अब रुख़ करते हैं एक और चुनावी राज्य छत्तीसगढ़ का. कल शाम काँग्रेस ने यहाँ अपने बचे-खुचे कैंडिडेट्स के नाम भी जाहिर कर दिए हैं. कांग्रेस की सात उम्मीदवारों की आख़िरी लिस्ट में एक-एक सीट एससी और एसटी कैटेगरी के लोगों के नाम हैं. बाकी पांच सीटों में से तीन पर ओबीसी उम्मीदवारों को मैदान में उतारा गया है. सात में से चार टिकट महिला उम्मीदवारों को भी दिया गया है. सुनिए 'दिन भर' में
अब तारीख नहीं... इंसाफ मिलेगा!
तारीख पे तारीख पे तारीख.. इंसाफ नहीं मिला माई लॉर्ड, मिली है तो सिर्फ ये तारीख.. डायलॉग सनी देओल ने मारा था.. फिल्म दामिनी थी.. लेकिन अब इंसाफ मिलेगा और वो भी कम तारीखों में. ऐसा इसलिए क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने दो अहम इंस्ट्रक्शंस दे दी हैं. एक्चुअली हमारी कोर्ट में पेंडिंग केसेज़ का अंबार लगा है. खुद कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने जुलाई में संसद को बताया था कि अदालतों में 5 करोड़ से भी ज़्यादा केस में फैसलों का इंतज़ार है. अकेले सुप्रीम कोर्ट में करीब 70 हज़ार केस हैं. National Judicial Data Grid का डेटा बताता है कि हाईकोर्ट्स, डिस्ट्रिक्ट कोर्ट्स और सब ऑर्डिनेट कोर्ट्स तक हाल यही है. 14 जुलाई तक देश की हाईकोर्ट्स में 60 लाख से ज़्यादा, ज़िला और अधीनस्थ कोर्ट में करीब साढ़े चार करोड़ केसेज़ पेंडिंग थे. कुछ दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने ये हालात देखकर कहा कि इन्हें जल्द से जल्द निपटाने के लिए प्रो-एक्टिव होने की जरूरत है. देश में 6% आबादी मुकदमेबाजी से प्रभावित है, तो कोर्ट ने दो अहम निर्देश दिए हैं ताकि मुकदमों का बोझ जल्दी जल्दी कम हो, सुनिए 'दिन भर' में,

होर्मुज में तेल और गैस पर ईरान ने जो रोक लगा रखी है, उसकी सुरक्षा के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने मित्र देशों से युद्धपोत भेजने की गुहार लगाई है. लेकिन फ्रांस, जापान, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया ने युद्धपोत भेजने से इनकार कर दिया, यगां तक की यूके ने भी कहां वो अभी इसपर विचार विमर्श कर रहे है.

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक से सारे शहर में सन्नाटा पसरा है. जिस अस्पताल में कभी हजार से ज्यादा मरीज थे वो इमारत अब खंडहर में तब्दीर हो गई है. चारों ओर सिर्फ आग और धुंए का गुबार दिख रहा है. इस हमले से 400 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और 250 से ज्यादा लोग घायल हो चुके है.











