
राजस्थान: गहलोत सरकार ने दी वन टाइम रिलोकेशन के प्रस्ताव को मंजूरी, संविदा कर्मियों को मिलेगी राहत
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कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर काम करने वालों में डाटा एंट्री ऑपरेटर, जूनियर टेक्निकल एसिस्टेंट और कॉर्डिनेटर्स जैसे कर्मचारी शामिल थे. इन लोगों का काम सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन करना होता है. ये कर्मचारी लंबे समय से अपने गृह जनपदों में तबादले की मांग कर रहे थे.
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने महात्मा गांधी नरेगा स्कीम में कार्यरत 237 संविदा कर्मियों के वन टाइम रिलोकेशन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. सरकार के इस फैसले से कॉन्ट्रैक्ट पर दूर-दराज के इलाकों में काम कर रहे इन मजदूरों को पारिवारिक समस्या, स्वास्थ्य व अन्य परेशानियों के मद्देनजर अपने घर के पास या फिर वांछित जिलों में काम करने का अवसर मिल सकेगा. एजेंसी के मुताबिक ये बातें एक आधिकारिक प्रेस रिलीज में बताई गईं. कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर काम करने वालों में डाटा एंट्री ऑपरेटर, जूनियर टेक्निकल असिस्टेंट और कॉर्डिनेटर्स जैसे कर्मचारी शामिल थे. इन लोगों का काम सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन करना होता है. ये कर्मचारी लंबे समय से अपने गृह जनपदों में तबादले की मांग कर रहे थे.
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