
ये 4 बड़े कारण... और शेयर बाजार में आज भी तूफानी तेजी, US से डील पर बनने वाली है बात?
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Stock Market Updates: पिछले 10 दिनों से शेयर बाजार में थोड़ी रौनक लौटी है. इस दौरान सेंसेक्स-निफ्टी में 3 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई. वहीं अगर भारत-अमेरिका के बीच व्यापार बातचीत में कोई बीच का रास्ता निकलता है तो फिर बाजार में और तेजी की उम्मीद की जा सकती है.
सोमवार की सुस्ती के बाद मंगलवार का दिन शेयर बाजार के लिए मंगल रहा, ओपनिंग फ्लैट होने के बाद बाजार ने दिन में तेजी पकड़ी और क्लोजिंग डे हाई पर हुई. सेंसेक्स 594.95 अंक (0.73%) चढ़कर 82,380.69 पर बंद हुआ, वहीं निफ्टी 169.90 अंक (0.68%) की तेजी के साथ 25,239.10 के स्तर पर पहुंच गया.
सबसे ज्यादा बढ़ने वाले शेयर्स Sensex में सबसे अधिक बढ़त Kotak Mahindra Bank के शेयर में रही, जो करीब 2.64% ऊपर बंद हुआ. Mahindra & Mahindra (M&M) के शेयर 2.44% चढ़ा, वहीं (L&T) के शेयर 2.26%,मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) 1.99% और Bharti एयरटेल के शेयर में 1.88% तक बढ़े. Tata Steel और UltraTech Cement में भी तेजी देखी गई.
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो ऑटो इंडेक्स (Auto Index) करीब 1.43% बढ़ा और टेलीकॉम इंडेक्स 1.50% चढ़ा. ऑटो और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टरों में त्योहारों के सीजन से पहले मांग में सुधार की उम्मीद ने तेजी को सहारा दिया.
पिछले दो हफ्तों से शेयर बाजार में थोड़ी रौनक लौटी है. सेंसेक्स-निफ्टी में 3 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई. एक्सपर्ट्स इस मजबूती के पीछे कई कारण बता रहे हैं.
शेयर बाजार में अचानक तेजी के चार कारण1. जानकारों का कहना है कि अमेरिका और भारत के बीच चल रही बातचीत ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है. अगर दोनों देशों के बीच व्यापार बातचीत में कोई बीच का रास्ता निकलता है तो फिर बाजार में और तेजी की उम्मीद की जा सकती है. खासकर अमेरिका से व्यापारिक रिश्ते सुधरने से निर्यात, आईटी, मैन्युफैक्चरिंग और फार्मा जैसे सेक्टरों को लाभ पहुंचा सकती है, साथ ही अमेरिकी डॉलर की कमजोरी ने भी विदेशी निवेशकों को भारतीय इक्विटी बाजार में आकर्षित किया.
2. इस बीच Geojit Investments के विनोद नायर का कहना है कि घरेलू बाजार की मजबूती के पीछे अमेरिका में संभावित फेडरल रिजर्व की ब्याज दर कटौती की उम्मीद भी एक बड़ी वजह है. अगर फेड दरों में नरमी करता है तो उभरते बाजारों, खासकर भारत में पूंजी का प्रवाह और तेज हो सकता है.

आज पूरी दुनिया LNG पर निर्भर है. खासकर भारत जैसे देश, जहां घरेलू गैस प्रोडक्शन कम है, वहां LNG आयात बेहद जरूरी है. लेकिन जैसे ही युद्ध या हमला होता है, सप्लाई चेन टूट जाती है और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं. कतर जैसे देशों से निकलकर हजारों किलोमीटर दूर पहुंचने तक यह गैस कई तकनीकी प्रोसेस और जोखिम भरे रास्तों से गुजरती है.












